पुलवामा आतंकी हमले पर चौतरफा घिरे पाकिस्तान को एक और झटका लगा है, पेरिस में हुई फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की बैठक में फैसला लिया गया है कि पाकिस्तान अभी ग्रे लिस्ट में ही बरकरार रहेगा। मुबंई हमले के मास्टर माइंड हाफिज सईद के जमात-उद-दावा और उससे जुड़े फाउंडेशन फलाह-ए-इंसानियत पर प्रतिबंध लगाने की पाकिस्तान की रणनीति आखिरकार काम नहीं आई। दुनिया भर में आतंकी फाइनैंसिंग को रोकने के लिए काम करने वाली संस्था फाइनैंशल ऐक्शन टास्क फोर्स ने पाकिस्तान को ‘ग्रे लिस्ट’ में ही रखा है। ये फैसला इस अक्टूबर तक जारी रहेगा, यदि इस दौरान पाकिस्तान अपने रवैये में बदलाव करता है तो उसे हटाने पर विचार किया जा सकता है। पुलवामा हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान को ब्लैकलिस्ट में डालने की मांग की थी। फाइनैंशल ऐक्शन टास्क फोर्स ने कहा कि अक्टूबर, 2019 तक यदि पाकिस्तान उसकी 27 मांगों पर काम नहीं करता है तो उसे ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा। FATF 38 सदस्यीय अंतर-सरकारी निकाय है जो आतंक के वित्त पोषण को रोकने के लिए काम करता है।