व्यापार

अमेरिकी कंपनी को 30 लाख रुपये चुकाने का आदेश

नई दिल्ली-अमेरिकी सरकार ने घरेलू कंपनी टीएलसी प्रेसीजन वेफर टेक्नोलॉजीज को अपने एक पूर्व कर्मचारी को पिछले वेतन के मद में 43,366 डॉलर (30 लाख रुपये से ज्यादा) चुकाने का आदेश दिया है। मीनियापोलिस स्थित इस कंपनी पर एच-1बी वीजा प्रोग्राम के श्रम संबंधी प्रावधानों के उल्लंघन का आरोप था। अमेरिकी सरकार के श्रम विभाग ने इस मामले में वेज एंड आवर डिवीजन (डब्ल्यूएचडी) की जांच पूरी होने के बाद कंपनी को इस रकम के भुगतान का आदेश दिया।डब्ल्यूएचडी के जांचकर्ताओं ने पाया कि कंपनी ने एच-1बी वीजा के आवेदन के वक्त कर्मचारी का जितना वेतन बताया था, असल में कंपनी ने उतना वेतन नहीं दिया। उनके मुताबिक माइक्रोफैब्रिकेशन इंजीनियर के पद पर कार्यरत इस कर्मचारी के वेतन का रिकॉर्ड भी कंपनी ने नहीं रखा। जांच में पता चला कि वीजा के आवेदन के वक्त कंपनी ने कर्मचारी को सालाना 43,000 डॉलर भुगतान का वादा किया था। लेकिन जब कंपनी ने कर्मचारी को वादे के मुताबिक भुगतान नहीं किया, तो उसने नौकरी छोड़ दी

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