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अब पटना में भी दौड़ेगी मेट्रो

केंद्र ने बिहार को एक बड़ा तोहफा दिया है. बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में पटना मेट्रो रेल प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई. इसके साथ ही कैबिनेट ने जूट के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी के अलावा अनुसूचित जनजाति के लोगों के विकास के लिए कई अहम फैसले लिए हैं.

बिहार को मोदी सरकार ने एक बड़ी सौगात दी है. राज्य की राजधानी पटना में जल्द ही अब मेट्रो सरपट दौड़ेगी. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पटना में मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है. बिहार के इस पहले मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए करीब साढ़े तेरह हजार करोड़ रुपये की लागत आएगी. करीब 32 किलोमीटर के इस प्रोजेक्ट में दो कॉरिडोर बनेंगे, जिससे पटना की यातायात व्यवस्था को बड़ी मज़बूती मिलेगी.

कैबिनेट की बैठक में साल 2019-20 के लिए जूट का न्यूनतम समर्थन मूल्य 250 रुपया बढ़ाकर 3950 रुपए प्रति क्विंटल करने का भी फैसला किया गया. इसके साथ ही सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के मकसद से 2900 करोड़ रुपये की योजना को भी मंजूर किया है.

अनुसूचित जनजाति को बढ़ावा देने के मकसद से केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उनसे जुड़ी योजनाओं का कार्यकाल साल 2020 तक बढ़ाने का फैसला किया है. समुदाय के लोगों को छात्रवृति सहित अनय विकास परियोजनाओं में पहले से ज्यादा राशि मिले, इसके लिए 11,900 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है.

कैबिनेट ने शादी के नाम पर देश की बेटियों से धोखाधड़ी करने वाले एनआरआई को कानूनी शिकंजे में लाने के लिए कानून में बड़ा बदलाव करने का फैसला भी किया है. इसके साथ ही राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग का कार्यकाल भी साल 2022 तक के लिए आगे बढ़ा दिया है.

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