हिमाचल प्रदेश

हिमाचल विधानसभा देश के अन्य राज्यों के लिए आदर्शः मुख्यमंत्री

हिमाचल प्रदेश विधानसभा ई-विधान प्रणाली को लागू करने वाली पहली अत्याधुनिक कागज रहित विधानसभा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश विधानसभा अन्य राज्यों के लिए आदर्श है और उन्हें भी इस प्रणाली को अपनना चाहिए। यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां विधायी प्रारूपण और लोकसभा के अधिकारियों के 34वें अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कही।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन संसदीय अध्ययन और प्रशिक्षण लोकसभा ब्यूरो, भारतीय तकनीकी और इंडियन टेकनिकल और ईकोनोमिक कॉरपोरेशन द्वारा किया गया जिसमें 27 देशों के लगभग 43 प्रतिनिधि भाग लिया।  
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा पर सरकार के भारी खर्च को बचाने और विधानसभा सत्र के दौरान वाहनों को अनावश्यक उपयोग को रोकने के लिए राज्य विधानसभा द्वारा की गई यह पहल अत्यंत सराहनीय है। ई-संविधान प्रबंधन का कार्यान्वयन तथा सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग करने से विधानसभा के सदस्यों के सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं और कार्यक्रम राज्य की विधान सभा के कामकाज को दुनिया के विभिन्न हिस्सों में बेहतर ढंग से समझने में बहुत कारगर साबित होते है।  
जय राम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश का कोई पूर्व-संवैधानिक इतिहास नही है क्योंकि यह राज्य स्वतंत्रता के उपरांत गठित किया गया। उन्होंने कहा कि राज्य पहली बार 15 अप्रैल 1948 को केंद्र शासित प्रदेश के रूप में अस्तित्व में आया और 25 जनवरी, 1971 को भारतीय संघ का 18वां राज्य बना। आज हिमाचल प्रदेश देश के सबसे प्रगतिशील राज्यों में एक है और निस्संदेह सबसे प्रगतिशील पहाड़ी राज्य है।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा, न्यायिक अकादमी, भारतीय उन्नत अध्ययन संस्थान और हिमाचल प्रदेश लोक प्रशासन संस्थान शिमला के साथ एक संबद्ध कार्यक्रम है। उन्होंने कहा कि अधिकांश प्रतिभागी न्यायिक अधिकारी, कानूनी सलाहकार, विधानसभाओं के अधिकारी और दक्षिण सूडान से संसद सदस्य हैं।
लोकसभा सचिवालय के सचिव पुनीत भाटिया ने इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए विधानसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. श्रीकांत बाल्दी, निदेशक लोक सभा सचिवालय भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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