नई दिल्ली-देश की 10 प्रमुख सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनियों ने वर्ष
2018 में अपने कार्यबल में 114,390 इंजीनियरों को जोड़ा है। यह बीते वर्ष
के मुकाबले 4 गुने का इजाफा है। ये आंकडे बीते पांच वर्षों में सबसे बेहतर
रहे हैं वहीं कुछ वर्ष 2019 में इसी तरह के प्रदर्शन की भविष्यवाणी कर रहे
हैं। यह खबर एक मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से सामने आई है।वर्ष 2018 में
काफी सारी नौकरियां मिलना डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के दबाव में अमेरिका में
हायरिंग में इजाफे का नतीजा भी हो सकता है, या फिर यह कस्मर्स ऑउटसोर्सिंग
का परिणाम हो सकता है जिसमें लंबे अनुबंध इस शर्त पर किए जाते हैं कि वेंडर
कुछ कर्मचारियों को नौकरी के लिए ला सकेंगे। दो एचआर (ह्यूमन रिसोर्स)
एग्जीक्यूटिव्स के जरिए यह जानकारी सामने आई है।हालांकि किसी भी कंपनी ने
अमेरिका में नियुक्ति विवरण का खुलासा नहीं किया और यह भी नहीं बताया कि
उन्होंने क्लाइंट के जरिए कितने लोगों को नौकरियां दी हैं। एचआर
एग्जीक्यूटिव्स ने दावा किया कि वर्ष 2018 में कंपनियों की ओर से की गईं
आधे से अधिक नियुक्तियां इन्हीं दो वजहों से हुईं।टॉप-5 आईटी कंपनियों में
शुमार टाटा कंसल्टेंसी सर्विस लिमिटेड (टीसीएस), कॉग्निजेंट टेक्नोलॉजी
सर्विस कॉर्प, इन्फोसिस लिमिटेड, एचसीएल टेक्नोलॉजी लिमिटेड और विप्रो
लिमिटेड ने पिछले साल 99,010 लोगों को नौकरियां दी हैं। इसके साथ ही उनके
कार्यबल की संख्या 1.23 मिलियन हो गई है जबकि वर्ष 2017 में इन कंपनियों
में सिर्फ 19,360 अतिरिक्त कर्मचारी ही जोड़े गए थे।