अमेरिकी राष्ट्रपति ने लिया नुकसानदायक कारोबारी नीतियों को
दुरुस्त करने का संकल्प, बराबरी का शुल्क लगाने के लिए ज्यादा अधिकारों की
मांग।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नुकसानदायक
कारोबारी नीतियों को दुरुस्त करने के लिए संकल्प व्यक्त किया है। ट्रंप ने
संसद सदस्यों से दूसरे देशों पर रेसीप्रोकल यानि बराबरी का आयात शुल्क
लगाने के लिए ज़्यादा अधिकारों की मांग की है। अगर ऐसा होता है तो भारत
जैसे देशों के साथ द्विपक्षीय व्यापार पर असर पड़ सकता है।
अपने
वार्षिक संबोधन में ट्रंप ने संसद को बताया कि उनकी सबसे प्रमुख प्राथमिकता
नुकसानदायक कारोबारी नीतियों को बदलना है। उन्होंने कांग्रेस सदस्यों से
अनुरोध किया कि यूएस रेसीप्रोकल ट्रेड एक्ट पारित करें ताकि अगर कोई देश
अमेरिकी वस्तुओं पर अनुचित शुल्क लागू करता है तो अमेरिका भी उसके बराबर
शुल्क लगा सके। अगर यह कानून प्रभावी होता है तो उन देशों पर असर पड़ेगा
जिनकी वस्तुओं पर अमेरिका में कम दर से शुल्क लगता है।
ट्रंप ने कहा
कि चीन के साथ वॉशिंगटन की आक्रामक कारोबारी वार्ता की बदौलत अमेरिकी
नौकरियों और संपदा की कथित चोरी रुक जाएगी। ट्रंप के अनुसार हाल में चीन की
250 अरब डॉलर की वस्तुओं पर आयात शुल्क लगाया गया। इससे अमेरिका को हर
महीने अरबों डॉलर की आय हो रही है।