राजस्व विभाग दो साल के अंदर ऐसी व्यवस्था तैयार कर लेगा
नई दिल्ली- राजस्व विभाग दो साल के अंदर ऐसी व्यवस्था तैयार कर लेगा, जिससे 24 घंटे के अंदर सभी रिटर्न की प्रोसेसिंग हो जाएगी और इतने ही समय के अंदर करदाताओं को रिफंड जारी भी कर दिया जाएगा। सरकार ने केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) की आइटी संरचना में सुधार के लिए पिछले महीने 4,200 करोड़ रुपये आवंटित किए थे।
राजस्व सचिव अजय भूषण पांडेय ने कहा कि फिलहाल
रिफंड की खुद-ब-खुद ऑनलाइन प्रोसेसिंग होती है। इस साल 1.50 लाख करोड़
रुपये के रिफंड का सीधे बैंक अकाउंट्स में भुगतान किया गया है। अब सिस्टम
में और सुधार किया जा रहा है, ताकि करदाताओं को 24 घंटे में रिफंड मिल सके।
24 घंटे में रिफंड की व्यवस्था लागू होने की समय सीमा के बारे में पूछे
जाने पर उन्होंने कहा कि हम फेसलेस असेसमेंट शुरू करने की दो साल की समय
सीमा के भीतर ही इसे भी जल्द से जल्द शुरू करने की कोशिश करेंगे।
अंतरिम
बजट 2019-20 पेश करते हुए वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि इनकम
टैक्स विभाग अब ऑनलाइन काम कर रहा है और रिटर्न, असेसमेंट, रिफंड और सवालों
के जवाब देने का काम ऑनलाइन हो रहा है। गोयल ने कहा कि पिछले साल 99.54
फीसद मामलों में इनकम टैक्स रिटर्न वैसा ही स्वीकार किया गया, जैसा दाखिल
किया गया था। हमारी सरकार ने इनकम टैक्स विभाग को असेसी फ्रेंडली बनाने के
लिए टेक्नोलॉजी पर केंद्रित क्रांतिकारी परियोजना शुरू की है। अब सभी
रिटर्न 24 घंटे में ही प्रोसेस कर लिए जाएंगे और इसी दौरान रिफंड भी जारी
कर दिया जाएगा।मंत्री ने कहा कि दो साल के भीतर जांच के लिए चुने गए तकरीबन
सभी रिटर्न्स का वैरिफिकेशन और असेसमेंट इलेक्ट्रॉनिक तरीके से होने
लगेगा।