जीवन शैली

4 फरवरी को ‘विश्व कैंसर दिवस’ मनाने के लिए 30 से अधिक वर्ष की आयु वाले लोगों की घर-घर जाकर की जाएगी स्क्रीनिंग

ई-कार्ड में 30 से अधिक वर्ष की आयु वाले लोगों की जनसंख्या और व्यवहार संबंधी विवरण किए जाएंगे दर्ज

चंडीगढ़ – पंजाब में 30 से अधिक वर्ष की आयु वाले लोगों की जांच करने के लिए राज्य सरकार 4 फरवरी को ‘विश्व कैंसर दिवस’ के अवसर पर डोर-टू-डोर स्क्रीनिंग प्रोग्राम शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इसकी जानकारी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री ब्रह्म मोहिंद्रा ने एक प्रयास बयान के द्वारा दी। जानकारी देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि 4 फरवरी, 2019 को विशेष जांच एवं जागरूकता शिविर लगाए जाएंगे जिनमें आम लोगों की सामान्य कैंसर (मुख, छाती, गर्भाशय) की जांच की जाएगी। संदिग्ध पाए जाने वाले मामलों को अधिक जांच हेतु उच्च सुविधाओं के लिए भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य में पहले से ही विशेष आईईसी वैनों को चलाया गया है जो गैर-संक्रामक बीमारियों के साथ-साथ नशों के बुरे प्रभावों संबंधी जागरूकता पैदा करने के लिए सभी जिलों को कवर करेंगी। श्री ब्रह्म मोहिंद्रा ने कहा कि 30 से अधिक वर्ष की आयु वाले लोगों की ऑनलाईन संगठित हैल्थ ऐप्लीकेशन (ई-हैल्थ कार्ड) भरी जाएंगी जिससे प्रत्येक व्यक्ति के सभी जनसांख्यिकीय और व्यवहार संबंधी विवरण दर्ज करने में मदद मिलेगी। यह वास्तव में एक ई-हैल्थ कार्ड है जो गैर-संक्रामक रोगों के जोखिक कारकों और इसके उपचार अनुपालन की निगरानी के लिए एक कुशल, कि$फायती और विश्वसनीय साधन है। इस एप्लीकेशन को भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार तैयार किया गया है।ई-हैल्थ कार्ड की विशेषताएं गिनाते हुए उन्होंने बताया कि यह लोगों को स्वास्थ्य संबंधी व्यवहार के प्रति जागरूक भी करता है तथा इसकी सहायता से वह कहीं भी और किसी भी समय अपने स्वास्थ्य स्थिति का पता लगा सकते हैं। श्री ब्रह्म मोहिंद्रा ने आगे बताया कि इन विवरणों से नीतिकारों को लोगों की गंभीर बीमारी तक पहुंच बनाने में मदद मिल सकती है जिससे लोगों की ज़रूरतों से संबंधित जानकारी भरे कार्यक्रम और नीतियां तैयार की जा सकें।श्री मोहिंद्रा ने आगे कहा कि राज्य स्तरीय प्रशिक्षण ‘ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्ज़’ (टीओटी) मुकम्मल किया जा चुका है और जिला स्तरीय प्रशिक्षण जारी है जो बहुत जल्द मुकम्मल हो जायेगा। उन्होंने बताया इस स्क्रीनिंग प्रोग्राम के मद्देनजऱ अब तक 574 मैडीकल अफसरों, 1652 स्टाफ नर्सों, 3778 एएनएम/एम.पी.डब्ल्यू और 17010 आशा वर्करों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

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