भारत

लक्ष्य प्राप्ति के मुहाने पर सरकार, देश के 21 करोड़ से अधिक घरों में पहुंची बिजली

लोगों की जिंदगी में उजाला भरने के लिए सबसे पहले उनके घरों को रोशन करना होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की इसी सोच के साथ शुरु हुई प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना यानी सौभाग्य योजना अपने लक्ष्य को शत प्रतिशत पूरा करने के कगार पर है और देश का लगभग हर घर, बिजली की रोशनी से जगमग हो रहा है।

सौभाग्य योजना के तहत देश के हर परिवार तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया था। योजना के तहत उन लोगों को मुफ्त बिजली कनेक्शन दिए जाने का प्रावधान रखा गया, जिनके नाम साल 2011 की सामाजिक, आर्थिक जनगणना में शामिल हैं। अच्छी बात ये है कि जिन लोगों के नाम इस सूची में नहीं हैं, उन्हें भी महज़ 500 रुपए में कनेक्शन दिए गए और वो भी 10 आसान किश्तों में।ग्रामीण इलाकों के अलावा शहरी इलाकों में भी आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों को योजना का लाभ दिया गया। कुल 4 करोड़ परिवारों को बिजली देने का लक्ष्य रखा गया, जिनमें गांव और शहर दोनों शामिल थे। इस योजना की व्यापकता, सम्रगता और हर घर तक बिजली पहुंचाने की सरकार की प्रतिबद्धता का अंदाज़ा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि जिन सुदूर और दुर्गम इलाकों तक बिजली नहीं पहुंची है, वहां के घरों को सोलर पावर यानी सौर ऊर्जा से रोशन किया गया है।

ऐसे परिवारों को सरकार की ओर से 200 से 300 WP का सोलर पावर पैक दिया गया है जिसमें बैट्री, 5 एलईडी बल्ब, एक डीसी पंखा और एक डीसी पावर प्लग शामिल है। यही नहीं, सरकार पांच साल तक इस बैटरी बैंक की मरम्मत का भी ख़र्च उठाएगी। योजना के तहत लोगों को आसानी से जोड़ा जा सके, इसके लिए गांवों में शिविरों का भी आयोजन किया गया और वहां तत्काल बिजली कनेक्शन मुहैया कराए गए। कुछ इसी तरह के प्रयासों के तहत सरकार ने घर-घर जाकर लोगों को बिजली मुहैया कराई। ऑनलाइन और मोबाइल एप के ज़रिए भी कनेक्शन लेने की सुविधा रखी गई।

आंकड़ों पर नज़र डालें तो देश के कुल  21,30,61,987 घरों में से महज़ 67,286 घरों का विद्युतीकरण होना रह गया है, जो केवल 0.27 प्रतिशत है, यानि ये योजना लक्ष्य प्राप्ति के मुहाने पर है। इस योजना के कई आयाम रहे और ये काफी वृहद है।

पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जयंती 25 सितम्बर, 2017 के दिन शुरु की गई इस योजना ने दो वर्षों से थोड़े ही अधिक समय में वो हासिल कर दिखाया है, जिसे हम बरसों की कोशिशों के बाद भी आज तक नहीं पा सके थे। दरअसल ये किसी सपने के सच होने जैसा है। हिन्दुस्तान के हर घर तक बिजली पहुंची है, अब किसी बच्चे को ढिबरी की रोशनी में नहीं पढ़ना होगा, मोबाइल चार्ज करने से लेकर टीवी देखने तक में अब बाधा नहीं होगी, जीवन सुगम बनेगा, डिजिटल इण्डिया पूरी तरह से हकीकत में तब्दील होगा। घर तो रोशन हुए ही हैं, लोगों के जीवन में भी ऊर्जा आई है।  ये महज़ बिजली नहीं, बल्कि गरीबों के लिए आत्मसम्मान के साथ जीने का एक ज़रिया भी है।   

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.

4 + 5 =

Most Popular

To Top