किसानों की आमदनी बढ़ाने और कृषि क्षेत्र की दिक्कतें दूर करने के लिए कृषि पैकेज को जल्द मंजूरी दी जा सकती है।
नई
दिल्ली- किसानों की आमदनी बढ़ाने और कृषि क्षेत्र की दिक्कतें दूर करने के
लिए कृषि पैकेज को जल्द मंजूरी दी जा सकती है। उच्च पदस्थ सूत्रों ने कहा
कि कैबिनेट की अगली बैठक के एजेंडा में छोटे व सीमांत किसानों की घटती
आमदनी की समस्या दूर करने संबंधी कृषि मंत्रलय का प्रस्ताव चर्चा के लिए
शामिल है। गौरतलब है कि कैबिनेट की बैठक सोमवार को ही प्रस्तावित थी। लेकिन
सूत्रों के मुताबिक यह बैठक टाल दी गई है।
मंत्रलय के इस प्रस्ताव
को आगामी लोकसभा चुनाव से ठीक पहले किसानों को बड़ी राहत के तौर पर देखा जा
रहा है। कृषि मंत्रलय ने किसानों की समस्याओं को देखते हुए उन्हें छोटी व
लंबी अवधि में राहत देने के कई विकल्प सुझाए हैं। सूत्रों का कहना है कि इस
पर अंतिम निर्णय कैबिनेट को ही लेना है, क्योंकि इसके लिए बड़ी पूंजी की
दरकार होगी।
मंत्रलय द्वारा सुझाए उपायों में समय पर कर्ज चुकता
करने वाले किसानों के लिए ब्याज माफ कर देने का प्रस्ताव है। अगर ऐसा होता
है तो सरकार के खजाने पर 15,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा। दूसरा
प्रस्ताव यह है कि खाद्यान्नों के मामले में फसल बीमा का पूरा प्रीमियम
सरकार खुद वहन करे। सरकार तेलंगाना और ओडिशा जैसे राज्यों द्वारा अपनाई गई
योजनाओं की भी समीक्षा कर रही है, जहां किसानों के खाते में एक निश्चित रकम
जमा कर दी जाती है।
कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने हाल ही में
संकेत दिए थे कि अगले वित्त वर्ष के लिए पहली फरवरी को अंतरिम बजट पेश करने
से पहले सरकार किसानों के लिए एक बड़े आर्थिक पैकेज की घोषणा कर सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान सरकार के पास समय बहुत ज्यादा नहीं है।