संपूर्ण राष्ट्र आज अपना 70वां गणतंत्र दिवस मना रहा है. इस खास मौके
पर मुख्य समारोह राष्ट्रीय राजधानी में राजपथ पर आयोजित किया गया, जहां
हर साल की तरह देश की संस्कृति को दिखाने वाली झांकियों के साथ भारतीय सेना
ने अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया. राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने परेड की
सलामी ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इन खूबसूरत झांकियों को देखा.
दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा गणतंत्र दिवस समारोह में
मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद रहे.
राजपथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस
समारोह के जरिए भारत ने पूरी दुनिया को देश की ताकत से रूबरू कराया.
विविधता में एकता की प्रतीक झांकिया जहां लोगों का मन मोह रही थीं, वहीं यह
भी दिखा रही थीं कि हम किस तरह अनेकता में भी एकता बनाए रखते हैं. भारतीय
सेना जहां एक तरफ शक्ति प्रदर्शन कर रही थी, तो दूसरी ओर वायुसेना हवा में
अपने करतब दिखाकर लोगों को दांतों तले अंगुली दबाने पर मजबूर कर रही थी.
प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी ने अमर जवान ज्योति जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि
दी.राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने शांतिकाल में अदम्य साहस और वीरता दिखाने
वाले जवानों को अशोक चक्र प्रदान किया. लांस नायक नजीर अहमद वानी की पत्नी
और मां ने राष्ट्रपति के हाथों से अशोक चक्र ग्रहण किया. वानी को मरणोपरांत
यह सम्मान मिला है. वह पिछले साल दो आतंकियों को ढेर करने के बाद शहीद हुए
थे.
राजपथ पर टी-90 टैंक ने राष्ट्रपति को सलामी दिया. इस समय यह
भारत की सबसे बड़ी ताकत है. यह चारों दिशाओं में घूमकर वार कर सकता
है.भारतीय सेना की सर्विस कॉर्प्स रेजीमेंट का नेतृत्व लेफ्टिनेंट भावना
कस्तूरी ने किया. इसका आदर्श वाक्य है- उसका मानना था कि वह कर सकती है,
इसलिए उसने ऐसा किया. साथ ही सुभाष चंद्र बोस की इंडियन नेशनल आर्मी ने
गणतंत्र दिवस की परेड में हिस्सा लिया. लेफ्टिनेंट कमांडर अंबिका सुधाकरन
के नेतृत्व में नौसेना के मार्चिंग दस्ते ने राष्ट्रपति को सलामी दी. राजसी
वेशभूषा में बीएसएफ का ऊंट सवार दस्ता राजपथ पहुंचा. सब-इंस्पेक्टर बोध
राज ने इसकी अगुवाई.
राजपथ पर एनसीसी के छात्रों का मार्चिंग दस्ता
जब राष्ट्रपति को सलामी दी, तो देखने वालों की सीना फक्र से चौड़ा हो गया.
दस्ते में 149 छात्र शामिल थे.अंडमान निकोबार की झांकी में सेल्युलर जेल को
दिखाया गया. अंडमान निकोबार की झांकी को 13 साल बाद शामिल किया गया. झांकी
में महात्मा गांधी को जेल में बंद कैदियों को संबोधित करते प्रदर्शित किया
गया. त्रिपुरा की झांकी में हस्तशिल्प और हथकरघा का प्रदर्शन किया गया.
गोवा की झांकी में दीप स्तंभ मंदिर, मस्जिद और चर्च को दिखाया गया. ओल्ड
गोवा के मशहूर चर्च को भी झांकी में दिखाया गया.
राष्ट्रीय बाल
पुरस्कार से सम्मानित 26 बच्चे खुली जीप में सवार होकर राजपथ पहुंचे,
जिसमें 6 लड़कियां और 20 लड़के शामिल थे.दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित
चिल्ड्रन स्कूल के छात्र-छात्राओं ने राजपथ पर ‘बापू महान’ गीत पर नृत्य
किया, जिसमें 170 बच्चे शामिल हुए. इसके साथ-साथ कोलकाता के पूर्वी
सांस्कृतिक केंद्र के बच्चों ने ‘बच्चे बापू का सपना’ गीत पर नृत्य कर
लोगों को मंत्र मुग्ध कर दिया. नई दिल्ली के पश्चिम विहार के राजकीय
प्रतिभा विकास विद्यालय के बच्चे और पश्चिम विहार दिल्ली के केंद्रीय
विद्यालय के बच्चों ने सत्यमेव जयते गीत पर नृत्य किया.राजपथ के आसमान में
वायु सेना के विमानों का अद्भुत नजारा देखने को मिला, जहां एक तरफ सुखोई
विमान की कलाबाजी देखने को मिली, तो वहीं राजपथ पर वायुसेना के जवानों के
कई करतब हवा में देखने को मिले.
गणतंत्र दिवस परेड के अंत मे भारतीय
वायु सेना के विमानों का शानदार फ्लाईपास्ट हुआ. फ्लाईपास्ट की शुरुआत तीन
हेलिकॉप्टर द्वारा ‘रुद्र’ फार्मेशन से की गई इसके बाद ‘हरक्यूलिस’ भी विग
फार्मेशन में शामिल हुआ. समारोह का समापन राष्ट्रगान और रंगीन गुब्बारों
को छोड़े जाने के साथ हुआ.