पंजाब

दिव्यांग व्यक्तियों को विलक्षण पहचान के लिए विशेष पहचान कार्ड दिए जाएंगे-अरुणा चौधरी

विलक्षण पहचान कार्ड दिव्यांग व्यक्तियों को मिलने वाली सभी सुविधाएं हासिल करने के लिए सहायक साबित होगा

चण्डीगढ़ – केंद्रीय सामाजिक, न्याय एवं सशक्तिकरण मंत्रालय द्वारा दिव्यांग व्यक्तियों को विलक्षण पहचान देने के लिए विशेष प्रोजैक्ट शुरू किया गया है जिसके अंतर्गत यह प्रोजैक्ट पंजाब के सभी जिलों में शुरू हो चुका है। यह जानकारी सामाजिक सुरक्षा, महिलाएं एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अरुणा चौधरी ने आज यहाँ जारी प्रैस बयान के द्वारा दी। श्रीमती चौधरी ने बताया कि इस प्रोजैक्ट के लिए दिव्यांग व्यक्तियों के लिए सरकार द्वारा वैब पोर्टल बनाया गया है जिसके अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग द्वारा राज्य के हरेक दिव्यांग व्यक्ति को विलक्षण पहचान देने के लिए सिफऱ् एक ही विलक्षण पहचान कार्ड दिया जायेगा जो एक बहुउद्देशीय दस्तावेज़ के तौर और भविष्य में दिव्यांगों की पहचान करेगा। यह कार्ड समूचे भारत में मान्य होगा। उन्होंने कहा कि इस प्रोजैक्ट के अंतर्गत दिव्यांगों के केंद्र स्तर पर डाटाबेस तैयार किया जायेगा, जिससे उनको गाँव, ब्लॉक, जि़ला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर मुख्य धारा में लाया जा सके और उनको मिलने वाली सुविधा में पारदर्शिता लाई जा सके। दिव्यांगों की सुविधा के लिए उनके कल्याण के लिए बनाई गई स्कीमें भी इस पोर्टल और उपलब्ध हैं। श्रीमती चौधरी ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि दिव्यांग व्यक्ति विलक्षण पहचान कार्ड के द्वारा ही इन सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे। विलक्षण पहचान कार्ड के साथ ही दिव्यांगता सर्टिफिकेट भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी किये जायेंगे। इस सुविधा का लाभ प्राप्त करने के लिए राज्य के दिव्यांग व्यक्तियों का पोर्टल पर पंजीकरण अति ज़रूरी है।उन्होंने कहा कि दिव्यांग व्यक्ति जिनके पास स्वास्थ्य विभाग द्वारा पहले जारी किया ऑफ लाईन सर्टिफिकेट है और जो अपना नया दिव्यांगता सर्टिफिकेट बनाना चाहते हैं, वह अपने कंप्यूटर, सेवा केंद्र, कॉमन सर्विस सैंटर, स्वास्थ्य केंद्र, सोशल सिक्युरिटी दफ़्तर आदि से पंजीकरण कर सकते हैं। दिव्यांगों द्वारा और ज्यादा जानकारी के लिए अपने जिले के सामाजिक सुरक्षा दफ़्तर से संपर्क किया जा सकता है। सेवा केन्द्रों और कॉमन सर्विस सेंटरों में दिव्यांग व्यक्ति 10 रुपए प्रति आवेदन पत्र की सुविधा चार्ज से अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। इसके अलावा दिव्यांग व्यक्तियों द्वारा अपने गाँव के आंगनवाड़ी से भी संपर्क किया जा सकता है, वह उनका आवेदन पत्र भरने के उपरांत सुविधा सेंटरों / कॉमन सर्विस सैंटरों तक पहुँचाने में मदद करेंगे।

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