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‘संविधान की मर्यादाओं में ही राम मंदिर मसले का समाधान’: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

नए साल के पहले दिन कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई को साक्षात्कार दिया। उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से अपने विचार रखे। राममंदिर के मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने कहा कि संविधान की मर्यादाओं में ही राम मंदिर मसले का समाधान होना चाहिए ।

प्रधानमंत्री ने राम मंदिर मसले पर कहा कि न्यायपालिका से फैसला आने के बाद सरकार अपनी जिम्मेदारी पूरी करेगी । प्रधानमंत्री ने कांग्रेस से कहा कि वो अपने वकीलों को कोर्ट  की कार्रवाई में रुकावट डालने से रोकें । 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महागठबंधन की चर्चा करते हुए कहा कि 2019 का आम चुनाव ‘जनता और गठबंधन के बीच होगा’। साथ ही पीएम ने कहा कि खुद को बचाने के लिए बन रहा गठबंधन का तेलंगाना में पहला प्रयोग विफल रहा है ।

इंटरव्यू के दौरान प्रधानमंत्री ने सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर उठाए जाने वाले सवालों का जवाब बेबाकी से दिया। पीएम ने कहा ये जोखिम भरा काम था लेकिन उन्हें राजनीतिक जोखिम की कोई चिंता नहीं थी बल्कि चिंता थी तो सिर्फ  सैनिकों की सुरक्षा की। उन्होंने कहा कि सैनिकों को साफ निर्देश दिया गया था कि नतीजों की चिंता किए बिना सूर्योदय से पहले घर लौट आना है।

राफेल से जुड़े आरोपों पर पीएम ने कहा कि आरोप मुझ पर नहीं सरकार पर हैं और सरकार ने संसद में जवाब दे दिया है । पीएम ने कहा कि कि सुप्रीम कोर्ट ने भी मामले को साफ कर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार को आलोचनाएं मंज़ूर है लेकिन देश की सुरक्षा के समझौता नहीं। 

प्रधानमंत्री ने कहा है कि GST ने छुपे हुए टैक्स को खत्म कर दिया है। सरकार निर्माण संबंधी सामग्री को जीएसटी कर के 5 प्रतिशत टैक्‍स स्‍लैब में लाने के पक्ष में है। उन्‍होंने कहा कि कर ढांचे में आगे भी बदलाव होते रहेंगे क्‍योंकि यह सुधार के लिए अभी काफी संभावनाएं हैं।

किसानों के कर्ज माफ किए जाने के बारे में एक सवाल के जवाब में प्रधानमंत्री ने कहा कि ऋण की समस्‍या का यह आदर्श समाधान नहीं है।उन्होंने, कहा कि कांग्रेस ने किसानों को धोखा दिया है । बार बार कर्जमाफी के बावजूद किसान की बदहाली की वजह से ये फैसला सही साबित नहीं होता। उन्होंने कहा कि सरकार कर्जमाफी की बजाए किसानों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है । 

बैंको के पैसे लेकर विदेश भागे आथिक अपराधियों पर पीएम ने कहा कि ये अपराधी कानून के डर से भागे हैं और सरकार ने ऐसे भगोड़ों के लिए  कड़े कानून बनाए हैं । पीएम ने कहा कि सरकार आज नहीं तो कल भगोड़ों को देश वापस लाएगी । इसको लेकर पीएम ने कांग्रेस पर भी हमला बोला। 

राजनीतिक हिंसा की प्रधानमंत्री ने कड़ी निंदा करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल,  कर्नाटक  और अन्य राज्यों में ऐसी घटनाओं को लकेर सभी पार्टियों को चिंतित होना चाहिए।

भीड़ द्वारा हिंसा के मामले में प्रधानमंत्री ने कहा कि इस पर किसी भी तरह की हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। साथ उन्होंने ये भी कहा कि देश के सभी नागरिकों को एक दूसरे की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।

अपने इंटरयू में पीएम मोदी पाकिस्तान पर भी जमकर बरसे । पीएम ने कहा कि एक लड़ाई से पाकिस्तान नहीं सुधरेगा। वार्ता के मसले पर पीएम ने कहा कि भारत ने कभी बातचीत का विरोध नहीं किया है । पीएम ने सर्जिकल स्ट्राइक के राजनीतिकरण का  विरोध करते हुए कहा कि ये जोखिम भरा फैसला था। उन्होंने कहा कि उरी हमले के बाद सरकार ने सेना को तैयारी की पूरी छूट दी थी ।

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