ट्रांसपोर्ट मंत्री ने पंजाब स्टेट रोड सेफ्टी कौंसिल की मीटिंग की की अध्यक्षता
चंडीगढ़ – सडक़ हादसों को राकने के लिए आधुनिक प्रौद्यौगिकी का प्रयोग किया जायेगा और सडक़ सुरक्षा नियमों संबंधी जागरूक करने के लिए विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रोग्राम बनाया जायेगा। यह बात ट्रांसपोर्ट मंत्री श्रीमती अरुना चौधरी ने आज यहाँ पंजाब स्टेट रोड सेफ्टी कौंसिल की मीटिंग की अध्यक्षता के उपरांत जारी बयान में कही। यहाँ सैक्टर-3 स्थित पंजाब भवन में हुई मीटिंग में श्रीमती चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आधुनिक यंत्रों की मदद के साथ सडक़ नियमों का उल्लंघन करने वालों के खि़लाफ़ शिकंजा कसा जाये। ई-चालान के साथ शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों को रोकने के लिए मशीनों का प्रयोग, तेज़ स्पीड वाले वाहनों की पहचान के लिए स्पीड गन्ज़ और ओवर लोडिंग को रोकने के लिए भार तोलने वाली मशीनों को अधिक से अधिक प्रयोग किया जाये। उन्होंने कहा कि तेज़ स्पीड को रोकने के लिए चंडीगढ़-नंगल मुख्य मार्ग को पायलट प्रोजैक्ट के तौर पर लेते हुए यहाँ दुर्घटना की संभावनाओं वाले स्थानों पर स्पीड कैमरे लगाए जाएँ। उन्होंने कहा कि ओवर लोडिंग की समस्या को रोकने के लिए टोल प्लाज़ों के अलावा और भी स्थानों पर वाहनों के भार चैक किये जाएँ। श्रीमती चौधरी ने कहा कि सडक़ सुरक्षा नियमों का जहाँ सख्ती के साथ लागूकरन हो सकता है वहां सबसे ज़रूरी जागरूकता मुहिम शुरु की जाये। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के लिए ख़ास तौर पर जागरूक कैंप लगाए जाएँ। इस संबंधी उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों के सिलेबस में सडक़ सुरक्षा नियमों को शामिल करने के साथ सुबह की प्रार्थना सभा में भी जानकारी दी जाये। उन्होंने पुलिस और ट्रांसपोर्ट विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि यह यकीनी बनाया जाये कि कोई भी वाहन बिना रिफलैक्टरों के सडक़ पर न चले। मीटिंग में अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह श्री निर्मलजीत सिंह कलसी, प्रमुख सचिव ट्रांसपोर्ट श्री के. शिवा प्रसाद, स्टेट ट्रांसपोर्ट कमिशनर श्री दिलराज सिंह, ए.डी.जी.पी. (ट्रैफिक़) डा. शरद चौहान, पंजाब पुलिस के ट्रैफिक़ सलाहकार श्री नवदीप असीजा, श्री हरमन सिंह सिद्धू समेत अलग -अलग विभाग जैसे कि वित्त, स्कूल शिक्षा, ऊच्च शिक्षा, स्वास्थ्य, स्थानीय निकाय, पी.आर.बी.डी.बी, पंजाब मंडी बोर्ड के नुमायंदे भी उपस्थित थे।