हिमाचल प्रदेश

गुरमीत बेदी ने मुख्यमंत्री को अपनी साहित्यिक कृतियां भेंट की

हिमाचल साहित्य अकादमी से पुरस्कृत कवि गुरमीत बेदी ने आज यहां मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को अपनी लिखी  साहित्यिक कृतियां भेंट की। इन कृतियों में गुरमीत बेदी का कहानी संग्रह ‘सूखे पत्तों का राग’ व कुहासे में एक चेहरा, कविता संग्रह  ‘मौसम का तकाजा’, ‘खामोशी पिघलती रही’, व्यंग्य संग्रह ‘इसलिए हम हंसते हैं’, ‘नाक का सवाल’  व ‘खबरदार जो व्यंग्य लिखा’ और शोध पुस्तक ‘श्रद्धा का सौंदर्य का संगम बैजनाथ’ शामिल हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार साहित्य, कला, संस्कृति के संरक्षण व संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है और लेखकों व कलाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए अनेक योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यह यह गर्व की बात है कि प्रदेश के लेखक व साहित्यकार लगातार सृजनरत हैं।

मुख्यमंत्री ने गुरमीत बेदी द्वारा साहित्य की हर विधा में लेखन करके राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कार हासिल करने के लिए उन्हें बधाई दी और आशा व्यक्त की कि वे भविष्य में भी अपनी लेखनी से साहित्य जगत को समृद्ध करते रहेंगे।

हिमाचल प्रदेश सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में उप-निदेशक गुरमीत बेदी की एक दर्जन पुस्तकें अब तक प्रकाशित हो चुकी हैं और देश विदेश के कई प्रमुख पुरस्कार भी उनके खाते में दर्ज हैं। उनके पहले  कविता संग्रह ‘मौसम का तकाजा’ के लिए उन्हें हिमाचल साहित्य अकादमी अवार्ड व कहानी संग्रह ‘कुहासे में एक चेहरा’ के लिए पंजाब कला साहित्य अकादमी अवार्ड भी मिल चुका है। गुरमीत बेदी  को व्यंग्य लेखन के लिए  कनाडा का विरसा अवार्ड और  प्रतिष्ठित ‘व्यंग्य यात्रा’ सम्मान भी  मिला है। गुरमीत बेदी के उपन्यास श्रृंखला रहेगा इंद्रधनुषष पर एक टेलीफिल्म भी बन रही है। उनके कविता संग्रह ‘मेरी ही कोई कृति’ का जर्मनी में अनुवाद हुआ है। जर्मनी व मॉरीशस में आयोजित वर्ल्ड पोएट्री फेस्टिवल में भी गुरमीत बेदी हिस्सा ले चुके हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रोहित सावल व सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के निदेशक अनुपम कश्यप भी उपस्थित थे।

 

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