किसानों की आय दोगुनी करने के मिशन को और गति देने के मकसद से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में तीन दिन के कृषि कुंभ की शुरूआत हो गई है । इस आयोजन में किसान और खेती से जुड़ी तकनीक पर मंथन पर ज़ोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भविष्य में किसान अन्नदाता के साथ ऊर्जा दाता भी बने इस दिशा में देश तेजी से बढ रहा है। इस आयोजन में लगभग 200 स्टॉल लगाए गए हैं जिनमें किसानों को तकनीक की जानकारी दी जा रही है। जिससे किसानों को खाद्यान्न की मात्रा बढ़ाने और उसकी गुणवत्ता बेहतर करने में मदद मिलेगी। इसमें 25 हजार किसान भाग लेंगे।
लखनऊ के तीन दिवसीय कृषि कुंभ को प्रधानमंत्री ने किसानों तक वैज्ञानिक अनुसंधानों,नई तकनीक की सही जानकारी पहुंचाने का ज़रिया बताया। उन्होंने कहा कि किसान उन्नति मेले के अलावा ये किसान कुंभ आने वाली कई चुनौतियों का समाधान भी लेकर आएगा।
इसराइल और जापान इस मेले में सहयोगी देश के रूप में शिरकत कर रहे हैं। कृषि क्षेत्र में इसराइल के अनुसंधान दुनिया भर में अद्वितीय हैं। ख़ासतौर पर सिंचाईं की नई तकनीक और पानी का बेहतर इस्तेमाल में इसराइल ने कई प्रयोग किए हैं। प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चालू सत्र में 27 हज़ार करोड़ गन्ना भुगतान को रिकार्ड बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि बकाया गन्ना भुगतान भी राज्य सरकार करवा रही है और अभी तक 11 हज़ार करोड़ का भुगतान हो चुका है। प्रधानमंत्री ने कहा कि गांव,किसान मौजूदा भाजपा सरकारों के आर्थिक चिंतन का हिस्सा हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि किसानों की आमदनी दोगुना करने के लिए सरकार ने जहां रबी और खरीफ की 21 फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाया है तो वहीं बीज से बाज़ार तक सुधार कर बिचौलियों को हटाया गया है। इसके अलावा मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए सॉयल हेल्थ कार्ड कालाबाज़ारी को ख़त्म करने के लिए नीम कोटिंग यूरिया की व्यवस्था की गई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जैविक खेती के ज़रिए भी किसानों की आमदनी बढ़ाने और पर्यावरण को सुधारने के व्यापक प्रयास किए जा रहे है। उन्होने सिंचाई के लिए ज़्यादा से ज़्यादा ड्रिप इरिगेशन अपनाने की बात कही। उन्होने अगले चार सालों में सोलर पंपों के ज़रिए बिजली की बचत और किसानों की आमदनी बढाने के लिए 28 लाख सोलर पंप लगाने का लक्ष्य भी दोहराया।
प्रधानमंत्री ने दुग्ध उत्पादन,शहद उत्पादन और मत्स्य पालन को बढ़ाने पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने टमाटर,प्याज और आलू के लिए ख़ासतौर पर 500 करोड़ के ईओपी का ऐलान किया है। साथ ही मूल्य वृद्धि के क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए 100 फीसदी FDI का भी फैसला किया है। उन्होंने किसानों को वेस्ट से वेल्थ बनाने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि पराली का निस्तारण करने के लिए सरकार तकनीक पर 50 से 80 फीसदी की छूट दे रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार देश भर में फैले 700 कृषि विज्ञान केंद्रों के ज़रिए वैज्ञानिक तकनीक और सलाह किसानों को पहुंचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कम समय में सही जानकारी के ज़रिए किसान देश के आर्थिक प्रगति के बड़े भागीदार बन सकेंगे।