पंजाब

मिशन तंदुरुस्त पंजाब के परिणामस्वरूप फल और सब्ज़ी मंडियों में कैमीकल्स द्वारा फल पकाने का कोई भी मामला सामने नहीं आया

9000 टन फल /सब्जियों कि की जांच 
चंडीगढ़,
राज्यभर में चल रही फलों और सब्जियों की गुणवत्ता संबंधी जांच के मद्देनजऱ जिला मंडी अधिकारियों की 22 टीमों ने राज्य की मुख्य फल और सब्ज़ी मंडियों की जांच की। शुक्रवार को मंडियों में पहुँचे 9000 टन फल और सब्जियों की जांच की गई और किसी भी मंडी में कैमीकलों के प्रयोग से फलों को पकाने का कोई भी मामला सामने नहीं आया। यह जानकारी तंदुरुस्त पंजाब मिशन के डायरैक्टर श्री के.एस पन्नू ने दी। तीन महीने पहले 05 जून को शुरू हुए इस मिशन का मुख्य उद्देश्य राज्य से घटिया किस्म के खाद्य पदार्थों पर रोक लगाने और कैमीकलों के प्रयोग से फलों को पकाने की प्रक्रिया को रोकना था। कैल्शियम कार्बाईड के प्रयोग से पकाए गए फल कैंसर होने का कारण बनते हैं। राज्य में औचक चैकिंगों की श्रृंख्ला निरंतर चलाई गई और इसके साथ साथ जागरूकता सैमीनार और कुदरती तरीके से फलों को पकाने सम्बन्धी प्रशिक्षण भी दिया गया। मिशन तंदुरुस्त पंजाब की टीमों के प्रयास रंग लाए और निष्कर्ष के तौर पर राज्य की हर मंडी अब कैल्शियम कार्बाइड मुक्त हो चुकी है। इस कामयाबी का श्रेय मुख्यमंत्री पंजाब कैप्टन अमरिन्दर सिंह को देते हुए उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और पर्यावरण की गुणवत्ता को फिर बरकरार करने के लिए मुख्यमंत्री की इच्छा के कारण ही यह मिशन होंद में आया और आज हम गर्व के साथ यह दावा कर सकते हैं कि हमारे फल कैल्शियम कार्बाइड से मुक्त हैं।  इन छापेमारियों सम्बन्धी और जानकारी देते हुए श्री पन्नू ने बताया कि चैकिंग के दौरान 10 टन न खाने योग्य, सड़े-गले फल और सब्जियां बरामद की गईं और मौके पर ही नष्ट की गईं। मुख्य रूप से समाना, पातड़ां और गुरदासपुर की मंडियों में सड़े-गले फल और सब्जियां पाईं गईं जिनमें समाना की मंडी से 50 किलो केला, 1100 क्विंटल के करीब सेब (75 क्रेट्स), पातड़ां मंडी से 751 किलो सेब, 145 किलो नींबू, 706 किलो टमाटर जबकि गुरदासपुर की मंडी से न खाने योग्य 1500 किलो फल और 2000 किलो सब्जियां बरामद की गई।
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