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ऑफ द रिकॉर्डः अमित शाह का अजीत डोभाल को झटका

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को इस बार भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के हाथों एक जबरदस्त झटका लगा। डोभाल चाहते थे कि आई.बी. के पूर्व निदेशक और जम्मू-कश्मीर के वार्ताकार दिनेश्वर शर्मा को राज्य का नया राज्यपाल बनाया जाए। इस बात का फैसला किया गया था कि अमरनाथ यात्रा के बाद एन.एन. वोहरा की छुट्टी की जाएगी इसलिए उनके उत्तराधिकारी की तलाश शुरू कर दी गई। जब डोभाल को मालूम हुआ कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रुख शर्मा के पक्ष में नहीं तो उन्होंने उत्तराखंड से एक अन्य ब्राह्मण रॉ के पूर्व निदेशक और मौजूदा एन.टी.आर.ओ. प्रमुख आलोक जोशी का नाम आगे किया। यद्यपि एक अन्य पुलिस अधिकारी और राष्ट्रीय जांच एजैंसी (एन.आई.ए.) के निदेशक शरद कुमार का नाम भी चर्चा में था मगर उनको सतर्कता आयुक्त के रूप में सतर्कता आयोग भेजा गया। जम्मू-कश्मीर के मामलों में डोभाल का दबदबा रहा है और यहां तक कि गृह मंत्री राजनाथ सिंह भी उसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकते। ऐसी अवधारणा थी कि डोभाल की इस मामले में चलेगी। मगर सत्यपाल मलिक की राज्यपाल के रूप में नियुक्ति डोभाल के लिए एक बड़ा झटका थी। बताया जाता है कि मलिक भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के करीबी हैं जो 2013-14 में उत्तर प्रदेश के प्रभारी रहे हैं। मलिक को राजनाथ सिंह ने उस समय दरकिनार कर रखा था जब वह 2013-14 में भाजपा प्रमुख थे। शाह ने उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों का प्रभार संभाला हुआ था और मलिक को राजनाथ सिंह ने टिकट नहीं दिया था। मलिक को बिहार में राज्यपाल नियुक्त कर पुरस्कार दिया गया, अब उन्हें जम्मू-कश्मीर भेजा गया।

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