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जीवन जीने की कला अटल जी से सीखी जा सकती है – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

अटल जी की याद में हुई सर्वदलीय प्रार्थना सभा में पीएम मोदी ने दी पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि, कहा उनसे सीखी जा सकती है जीवन जीने की कला, उनके नाम में ही नहीं  व्यवहार में भी था अटल भाव, अटल जी के प्रयासों से आतंकवाद के मुद्दे पर भारत को पूरे विश्व का साथ मिला अटल जी नाम से ही अटल जी नहीं थे बल्कि उनके व्यवहार में भी अटल भाव था । कुछ इस तरह से याद किया पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने। दिल्ली में भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में आयोजित एक सर्वदलीय प्रार्थना सभा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अटल जी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि जीवन जीने की कला अटल जी से सीखनी चाहिए।  पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की याद में सोमवार को इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में सर्वदलीय प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया जिसमें तमाम दलों के नेताओं ने अपने प्रिय नेता अटल जी को याद किया । खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने अटल जी को श्रद्धासुमन अर्पित किया ।  बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी , संघ प्रमुख मोहन भागवत के साथ ही तमाम छोटे बडे दल के नेता , धर्मगुरु और सामजिक संगठनों के नेता पूर्व प्रधानमंत्री को याद करने के लिए मौजूद थे। इस मौके पर अटल जी को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जीवन जीने की कला अटल जी से सीखी जा सकती है। पोखरण परीक्षणों का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि अटल जी नाम से ही अटल नहीं थे उनके व्यवहार में भी अटल भाव नजर आता है।  प्रधानमंत्री के तौर पर अटल जी के कार्यकाल को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वो अटल जी ही थे जो अपने प्रयासों से आतंकवाद के मुद्दे पर पूरे विश्व को भारत के साथ लाने में सफल हुए थे । अटल जी की लोकप्रियता की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री  ने कहा कि दस साल तक जो महापुरुष किसी राजनीतिक मंच पर नजर नहीं आए उस व्यक्ति की विदाई को जिस प्रकार देश ने सम्मान दिया शायद ही कोई ऐसे अवसर की कल्पना कर सकता है । पीएम ने एशियाई खेलों का जिक्र करते हुए कहा कि बजरंग पुनिया ने पहला गोल्ड मेडल जीता और उसे अटल जी को समर्पित कर दिया ।  गौरतलब है कि लंबी बीमारी के बाद अटल जी ने 16 अगस्त को दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में आखिरी सांस ली थी । अगले दिन पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया था  जिसमें उनके अंतरराष्ट्रीय कद के मुताबिक विदेशों से भी मेहमान आए थे । सर्वदलीय प्रार्थना सभा में वाजपेयी की दत्तक पुत्री नमिता कौल भट्टाचार्य उनके पति रंजन भ्ट्टाचार्य औरअटल जी की नातिन निहारिका समेत परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद थे । हर किसी ने याद किया कि कैसे वाजपेयी जी  देश और देशवासियों के जिए और वो अब भी सबके प्रिय हैं ।

सर्वदलीय प्रार्थना सभा में लालकृष्ण आडवाणी , मोहन भागवत , राजनाथ सिंह और अमित शाह ने अटल जी के साथ अपनी यादों को किया साझा , तमाम दलों के नेताओं ने भी की अटल जी की सराहना । ऐसा कम ही होता है कि जब तमाम राजनीतिक पार्टियों के नेता अपने-अपने दलों की सीमाएं तोड़कर दिलों से दिल मिलाकर बात करते है। आज ऐसा ही कुछ नजारा देखने को मिला पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में आयोजित सर्वदलीय श्रद्धांजलि सभा में। इस सभा में भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी भी बोले और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद भी। राष्ट्रीय स्वयं सेवा संघ के सर संघ चालक मोहन भागवत ने भी अपनी बात रखी और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुक अब्दूला ने भी और अटलजी को याद करते हुए सभी एक सूर में बोले। और एक बार फिर पूरे विश्व ने देखा कि आखिर क्यों  भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को आजादशत्रु कहा जा रहा है। दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की याद में सोमवार को राजधानी दिल्ली के तालकटोरा स्थित इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में सर्वदलीय प्रार्थना सभा र्में तमाम दलों के नेताओं ने वाजपेयी जी को याद किया। वाजपेयी जी से जुड़े नेताओं के लिए यह मौक़ा बहुत ही भावुक कर देने वाला था। प्रार्थना सभा में अन्य दलों के नेताओं ने भी अटल जी को अपने संस्मरणों के जरिए याद किया। प्रार्थना सभा के अंत में मंत्रोच्चार से अटल जी की आत्मा की शांति की प्रार्थना की गयी । रविवार को हरिद्वार में अटल जी की अस्थि को गंगा में प्रवाहित करने के बाद अब उनका अस्थि कलश देश के सभी राज्यों में पहुंचाया जाएगा। उनकी याद में पंचायत स्तर पर कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

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