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इस्लाम छोड़ने वाली Saudi की युवती को मानवीय शरण दे सकता है ऑस्ट्रेलिया

सिडनी। इस्लाम छोड़ने पर परिवार द्वारा हत्या की आशंका जता रही Saudi Arab की 18 वर्षीय युवती रहाफ को लेकर ऑस्ट्रेलिया ने बुधवार को कहा कि वे उसे मानवीय शरण दे सकता है। बता दें कि रियाद और उसके परिवार की ओर से उसे घर वापस बुलाने की लगातार कोशिश की जा रही है। युवती फिलहाल संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार एजेंसियों की देखरेख में है। सोशल मीडिया पर युवती रहाफ मोहम्मद अलकुनान आशंका जताई थी कि सऊदी अरब वापस जाने पर परिवार वाले उसकी हत्या कर देंगे। इसके बाद इसे लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे अभियान के बाद एक ऑस्ट्रेलिया ने मंगलवार को इस संबंध में बयान जारी कर कहा था कि वह युवती को अपने यहां शरण देने पर विचार कर रहा है। इसे लेकर एक ऑस्ट्रेलिया के स्वास्थ्य मंत्री ग्रेग हंट ने कहा कि एक शरणार्थी के तौर पर हम उसे मानवीय वीजा देने को लेकर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। हंट ने कहा कि उन्होंने देर शाम क्यून के मामले के बारे में आव्रजन मंत्री डेविड कोलमैन से मंगलवार को बात की थी। बता दें कि युवती ने कहा है कि वह सऊदी अरब से ऑस्ट्रेलिया जा रही थी, लेकिन थाई और सऊदी अधिकारियों द्वारा उसे रोक दिया गया थ। उसकी दयनीय हालत पर लोगों का ध्यान तब गया जब उसने निर्वासन से बचने के लिए बैंकाक हवाई अड्डे के होटल के कमरे में खुद को बंद कर लिया।थाई अधिकारियों ने शुरू में कहा था कि उसे वापस भेज दिया जाएगा, लेकिन सोशल मीडिया पर इस मामले के तूल पकड़ने के बाद उन्होंने अपना फैसला बदल दिया। पीटर डुटन ने बुधवार को कहा कि इस मामले को हम विशेष केस की तरह नहीं देख रहे हैं,लेकिन कोई भी इस युवती को संकट में नहीं देखना चाहता है और वो इस वक्त थाईलैंड में सुरक्षित है।सऊदी मानवाधिकार कार्यकर्ता द्वारा ट्विटर पर पोस्ट किए गए वीडियो फुटेज में एक सऊदी अधिकारी ने थाई अधिकारियों को लेकर नाखुशी जाहिर की है। उसके अनुसार अधिकारियों को रहाफ का मोबाइल फोन जब्त कर लिया जाना चाहिए था। जब वो थाईलैंड पहुंची तो उसने नया ट्विटर अकाउंट बना लिया और महज एक दिन में उसके 45,000 फालोअर्स बन गए। इस वजह से युवती के पासपोर्ट के बजाय मोबाइल फोन जब्त करना चाहिए था।
सऊदी से भागी युवती से मिलने थाईलैंड पहुंचे पिता और भाई;-सऊदी अरब से भागी 18 साल की युवती रहाफ मोहम्मद अलकुनान से मिलने के लिए उसके पिता और भाई थाईलैंड पहुंच गए हैं। फिलहाल उन्हें रहाफ से मिलने की अनुमति नहीं मिली है। वे संयुक्त राष्ट्र (यूएन)रिफ्यूजी एजेंसी से इजाजत मिलने के बाद ही रहाफ से मिल पाएंगे।रहाफ ने खुद को अपने परिवार से जान का खतरा बताया है। ऑस्ट्रेलिया जाने के लिए गत शनिवार को बैंकॉक पहुंची रहाफ ने सोशल मीडिया के जरिए खुद पर ढाए गए अपने परिवार के जुल्मों को बयां किया था। उसने दावा किया था कि उसके पास ऑस्ट्रेलिया का पासपोर्ट है और वह शरण मांगने के लिए इस देश जाना चाहती थी।

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