पीएम मोदी मणिपुर के बाद असम पहुंचे और वहां एक रैली को संबोधित किया. पीएम मोदी ने समूचे नार्थ ईस्ट में हो रहे विकास कार्यो को गिनाया, तो एनआरसी में किसी भी भारतीय के न छूटने का भरोसा भी दिलाया. पीएम मोदी ने कांग्रेस समेत विपक्षी दलों पर निशाना साधा और कांग्रेस पर असम के विकास की अनदेखी का आरोप लगाया.
भाजपा की रणनीति विरोधियों को परेशान करने के लिए काफी है. जनसभा भले ही सिल्चर में हुई लेकिन गूंज दिल्ली तक सुनाई दी. प्रधानमंत्री को लोगों का अपार समर्थन मिला. आवाज़ें भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ उठीं. पीएम मोदी का दावा पिछले चार सालों में व्यवस्थाओं में की गई ढांचागत तब्दीली का रहा और ज़ोर बिचौलियों के ख़ात्मे पर. उनके निशाने पर एक और बिचौलिया आया ज़िक्र इशारों में क्रिश्चियन मिशेल का चला और हमला कांग्रेस पर.
पूर्वोत्तर का विकास एनडीए की नीतियों में शामिल है. सरकार अटल बिहारी वाजपेयी की रही हो या 2014 की मौजूदा सरकार, वोट के लिए देश की संप्रभुता, सुरक्षा, संसाधनों और सांस्कृतिक विरासत से समझौता नहीं करने का विश्वास प्रधानमंत्री ने दिलाया. लगे हाथ तीन दशक से लटकी असम समझौते की छठी अनुसूची को लागू करवाने की ख़ुशी जताई. संवेदनशील और स्पष्ट नीति के साथ प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर में पंजीयन को लेकर भी राय रखी और कहा कि एक भी भारतीय नागरिक इस सूची में शामिल होने से नहीं छूटेगा.
विरोधियों के विरोध और राजनीति को दरकिनार कर प्रधानमंत्री ने प्रतिबद्धता सिटिजनशिप अमेंडमेंट बिल पर भी दिखाई. 2016 का विधेयक फिलहाल संसद में लंबित है, लागू हुआ तो वैधानिक तौर पर भारतीय शरण में पड़ोसी देशों से आए हिन्दू, बौद्ध, सिख, पारसी और अन्य उल्लेखित समुदायों के लोगों को भारतीय नागरिकता आसानी से मिल सकेगी.
एक्ट ईस्ट नीति के तहत हाइवे, रेलवे, आईवे का तेज़ी से निर्माण कराती सरकार अपनी कामयाबियों से साथ 2019 के चुनावी जंग में आने को तैयार है. प्रधानमंत्री ख़ुद इसकी कमान संभाले लोगों से सीधी बात कर रहे हैं.
बराक घाटी की जनसभा लोकसभा चुनावों के लिए प्रचार अभियान के पहले चरण की शुरुआत का ही हिस्सा है. आने वाले सौ दिनों में लक्ष्य ऐसी ही 100 से ज़्यादा सभाओं का है. यूं तो इनमें आने वाले अधिकतर क्षेत्रों में गैर भाजपा दलों के वर्चस्व का है, बावजूद विकास की पंचधारा की बदौलत भाजपा इसमें सेंध लगाने की ओर कदम बढ़ा रही है.