भारत

अपने मन की बात के 51वें संस्करण के ज़रिए किया देशवासियों के साथ संवाद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल के अंत के मन की बात कार्यक्रम में देश की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए आने साल में देश की प्रगति की यात्रा जारी रहने की उम्मीद व्यक्त की है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम के 51वें संस्करण में देशवासियों को नए साल की शुभकामनाएं देते हुए 2019 के लिए नए संकल्प लेने की बात कही। प्रधानमंत्री ने 2018 में भारत की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्मान भारत की शुरूआत हुई। साथ ही उन्होंने कहा कि देश में स्वच्छता का कवरेज बढ़कर 95 फीसदी को पार करने वाला है।देश को विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के मिलने की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ये प्रतिमा देश को एकता के सूत्र में पिरोने वाले सरदार पटेल का सम्मान है। साथ ही उन्होंने कहा कि पर्यावरण के लिए किए गए भारत के प्रयासों को विश्व में स्थान मिला।प्रधानमंत्री ने कहा कि व्यापार सुगमता में भारत की रैंकिंग में बेहतरीन सुधार हुआ साथ ही नए आधारभूत ढांचे के निर्माण का भी जिक्र किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि  2018 साल में देश की उपलब्धियां एक सौ तीस करोड़ देशवासियों के अथक प्रयासों से ही संभव हुई हैं  साथ ही प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि भारत की प्रगति की यात्रा नए साल में अनवरत जारी रहेगी औऱ  देश मजबूती के साथ नई ऊंचाईयों को छुएगा।वहीं 2018 के ‘मन की बात’ के आखिरी संस्करण में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खेल के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों का जिक्र किया। उन्होंने साथ ही उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों की कुछ प्रेरणादायक कहानियां भी साझा कीं जिन्होंने अपने निस्वार्थ काम से समाज पर अपनी गहरी छाप छोड़ी।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिन उपलब्धियों को सूचीबद्ध किया, उनमें अंडर -19 क्रिकेट विश्व कप और ब्लाइंड क्रिकेट विश्व कप में भारत की शानदार जीत थी। इस बार, एशियाई खेलों में भारत ने बड़ी संख्या में पदक जीते। भारत ने पैरा एशियन गेम्स में भी बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि हर समाज में खेलों का अपना महत्व है।उन्होंने भारत की तीन बेटियों की कहानियों को भी साझा किया, जिन्होंने देश को प्रशंसा दिलाने के लिए सभी बाधाओं से जूझते हुए काम किया। हनाया 12 साल की है और अनंतनाग में रहती है। उसने कराटे में कड़ी मेहनत कर कोरिया में कराटे चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता। ऐसी ही एक और प्रेरणादायक कहानी है स्वर्ण पदक विजेता मुक्केबाज रजनी की है।

प्रधानमंत्री मे कहा कि रजनी ने जूनियर महिला मुक्केबाजी में गोल्ड मेडल जीता। जैसे ही रजनी ने पदक जीता वह तुरंत पास के एक दूध के स्टाल पर गई और एक गिलास दूध पिया। इसके बाद रजनी ने अपने पदक को एक कपड़े में लपेटा और बैग में रख लिया। अब आप सोच रहे होंगे कि रजनी ने एक गिलास दूध क्यों पिया? उसने ऐसा अपने पिता जसमेर सिंह जी के सम्मान में किया जो पानीपत के स्टाल पर लस्सी बेचते है। मै रजनी को शुभकामनाएं और आशीर्वाद देता हूं और रजनी का साथ देने और उसका उत्साह बढ़ाने के लिए उसके माता पिता जसमेर सिंह जी और ऊषा रानी जी को बधाई देता हूं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साइकिल चलाने के जुनून के लिए पुणे के 20 वर्षीय वेदांगी कुलकर्णी की भी सराहना की। वह दुनिया की सबसे तेज एशियाई महिला है जो साइकिल की सवारी कर रही है। वह 159 दिनों के लिए सवार हुई, हर दिन लगभग 300 किलोमीटर की दूरी तय करती है। उन्होंने डॉ जयचंद्रन जैसे लोगों के योगदान को भी याद किया, जिनका चेन्नई में निधन हो गया। डॉ जयचंद्रन को सबसे किफायती इलाज गरीबों को उपलब्ध कराने के उनके प्रयासों के लिए जाना जाता था। बुजुर्ग रोगियों के मामले में, वह उनकी यात्रा करने और इलाज का खर्च भी वहन करेंगे। इसी तरह की तर्ज पर, कर्नाटक में पद्मश्री सुलागिट्टी नरसम्मा हैं। जिनका 25 दिसंबर को निधन हो गया। कर्नाटक में मिडवाइफरी सेवाएं प्रदान करने के उनके प्रयासों को हमेशा याद किया जाएगा। उनकी दयालुता ने उन्हें समाज के गरीब वर्गों तक पहुँचाया।

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