पंजाब

मुख्यमंत्री द्वारा पूर्व मुख्य सचिव हरदेव सिंह छीना के निधन पर शोक प्रकट

चंडीगढ़ – पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आज राज्य के पूर्व मुख्य सचिव हरदेव सिंह छीना के देहांत पर गहरा दुख प्रकट किया है। उनकी आयु 98 वर्ष थी। हरदेव सिंह छीना का विवाह पटियाला के राजा बीरइन्दर सिंह की बेटी नरेश इंद्र कुमारी के साथ साल 1940 में हुआ था। राजा बीरइन्दर सिंह कैप्टन अमरिन्दर सिंह के दादा जी महाराजा भुपिन्दर सिंह के छोटे भाई थे श्री छीना अपने पीछे एक पुत्र परमदेव सिंह छीना जो पंजाब के पूर्व एडीशनल एडवोकेट जनरल हैं और चार बेटियाँ गुरिन्दर कौर, परवीन कौर, जतिन्दर कौर और नीनू मनशाहिया छोड़ गए हैं। एक शौक संदेश में मुख्यमंत्री ने श्री छीना को एक योग्य प्रशासक, बुद्धिमान और काबिल अफ़सर बताया। दुखी परिवार और सगे-सबंधियों के साथ हार्दिक हमदर्दी ज़ाहिर करते हुए मुख्यमंत्री ने ईश्वार के समक्ष दिवंगत आत्मा को अपने चरणों में शाश्वत स्थान देने और ईश्वरीय आदेश मानने का बल प्रदान करने के लिए प्रार्थना की। श्री छीना ने प्रसिद्ध शिक्षा संस्था एचीसन कॉलेज, लाहौर से तालीम हासिल की थी।पटियाला स्टेट में ड्युटी करने के बाद 1950 बैच के इस आई.ए.एस. अधिकारी ने अहम स्थानों पर अपनी ड्युटी समर्पण भावना और पेशेवराना वचनबद्धता के साथ की। उन्होंने साल 1974 में मुख्य सचिव बनने से पहले पंजाब के पहाड़ी इलाको में कमिश्नर सहित अविभाजित पंजाब के त्रिपुरी और राजपुर के प्रशासक के अलावा विजीलैंस के सचिव, पंजाब वित्त निगम के चेयरमैन, वित्त कमिश्नर राजस्व और वित्त सचिव के ओहदों पर सेवा निभाई। वह साल 1977 तक मुख्य सचिव के ओहदे पर रहे।पारिवारिक सदस्यों के मुताबिक उनका अंतिम संस्कार 20 अगस्त (सोमवार) को चण्डीगढ़ के सैक्टर -25 स्थित श्मशान घाट में शाम चार बजे होगा।

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