टोक्यो – जापान के सम्राट अकीहितो ने दूसरे विश्वयुद्ध में अपने देश की भूमिका पर पछतावे का इजहार किया है। दूसरे विश्वयुद्ध में जापान की सेना ने 15 अगस्त, 1945 को मित्र राष्ट्रों के सामने आत्मसमर्पण किया था। अकीहितो ने बुधवार को उसकी बरसी पर आखिरी बार कार्यक्रम को संबोधित किया। 84 वर्षीय सम्राट अगले साल अप्रैल में अपने पद से हट जाएंगे। उनकी जगह पर नरुहितो जापान के अगले सम्राट होंगे। टोक्यो के बुडोकन हॉल में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अकीहितो ने कहा कि मुझे उस आपदा पर गहरा पछतावा है। मुझे उम्मीद है कि उस तरह की घटना फिर कभी नहीं होगी। प्रधानमंत्री शिंजो एबी टोक्यो में ही एक मठ में आयोजित उस कार्यक्रम से दूर रहे, जिसमें सजायाफ्ता युद्ध अपराधियों और युद्ध में मारे गए लोगों को याद किया गया। उनकी गैर-हाजिरी का मकसद पड़ोसी देशों को परेशान नहीं करना था। इसके बदले उन्होंने मठ में प्रार्थना की।