पंजाब

पी.एस.आई.ई.सी. ने औद्योगिक पार्क की योजनाबंदी, विकास और प्रबंधन के लिए चांदलर इंस्टीट्यूट, सिंगापुर के साथ हाथ मिलाया मिलकर काम करने के लिए समझौता सहीबद्ध

चंडीगढ़ – पंजाब स्माल इंडस्ट्रीज एंड एक्सपोर्ट कोर्पोरेशन (पीएसआईईसी) ने औद्योगिक पार्क की योजनाबंदी, विकास और प्रबंधन के लिए चांदलर इंस्टीट्यूट ऑफ गवर्नेंस (सीआईजी), सिंगापुर के साथ मिलकर काम करने का फैसला किया है। वर्चुअल प्रोग्राम, जो 3 मार्च, 2021 तक चलेगा, औद्योगिक पार्क की योजनाबंदी, विकास, और प्रबंधन की रणनीतियों की वृद्धि और पंजाब में कारोबार करने में असानता और नौकरियों के मौके पैदा करने के लिए सार्थक माहौल सृजन करने का समर्थन करता है।आठ से अधिक सैशनों में आयोजित प्रोग्राम में पी.एस.आई.ई.सी. के मुख्यालय और जिला दफ्तरों से 40 से अधिक अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। यह अधिकारी औद्योगिक पार्क की योजनाबंदी, इंजीनियरिंग और अस्टेट सेवाओं के लिए जिम्मेदार हैं। यह प्रशिक्षण प्रोग्राम अधिकारियों को औद्योगिक पार्कों के विकास के मुख्य हिस्सों के लिए जरुरी कौशल और सामर्थ्य के साथ लैस करने के लिए तैयार किया गया है जिसमें दूरदृष्टि, व्यवहारिकता और योजनाबंदी; अस्टेट प्रबंधन; मार्किटिंग और निवेश प्रोत्साहन; और अंतर-एजेंसी तालमेल शामिल है।प्रोग्राम का संचालन सीआईजी के स्रोत माहिर, श्री लिम चिह्न चोंग ने किया है। श्री लिम पहले सिंगापुर की जेटीसी कोर्पोरेशन से थे जिनके पास भौतिक बुनियादी ढांचे, भूमि योजनाबंदी और औद्योगिक अस्टेट के विकास में व्यापक तजुर्बा है।कार्यकारी डायरैक्टर श्री एस.पी सिंह और चीफ इंजीनियर श्री जे. एस. भाटिया ने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि यह सैशन सफल प्रशिक्षण प्रदान करेंगे और पीएसआईईसी के स्थायी विकास को बढ़ावा देने में मदद करेंगे।’ श्री एस पी सिंह और सीआईजी के कार्यकारी डायरैक्टर श्री वू वई नेंग ने पंजाब के विकास में पीएसआईईसी की महत्ता पर जोर दिया।श्री वू वई नेंग ने कहा, ‘औद्योगिक पार्कों का विकास पंजाब के लिए आर्थिक विकास की रणनीति का मुख्य हिस्सा है और पीएसआईईसी इस सम्बन्धी अहम भूमिका अदा करता है। हम इस महत्वपूर्ण कार्य में पंजाब सरकार का समर्थन करने के लिए वचनबद्ध हूँ।’ सीआईजी और पीएसआईईसी के दरमियान समझौता पंजाब सरकार और सीआईजी के दरमियान मैमोरंडम आफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) के अधीन आता है।पंजाब स्माल इंडस्ट्रीज एंड एक्सपोर्ट कोर्पोरेशन लिमटिड (पीएसआईईसी) की महत्ता पर रौशनी डालते हुये श्री एस.पी सिंह और श्री जे.एस भाटिया ने कहा कि कोर्पोरेशन पंजाब के औद्योगिक बुनियादी ढांचे के विकास, औद्योगिक फोकल प्वाइंटस (आई.एफ.पी.) जिनके अधीन पंजाब के विभिन्न कस्बों और शहरों के बीच की 50 एकड़ से 500 एकड़ जमीन आती है, के विकास के द्वारा उद्योगों के सर्वपक्षीय विकास को उत्साहित करने के लिए एक उत्प्रेरक के तौर पर काम कर रही है। इसलिए उद्योग को सुविधा प्रदान करने के लिए पीएसआईईसी लिमटिड स्वै-निर्भर औद्योगिक फोकल प्वाइंट प्रदान करती है। इन औद्योगिक हब्बों में पावर-सब स्टेशनों और डिस्ट्रीब्यूशन नैटवर्क, टेली-संचार सहूलतें, कामगारों के लिए रिहायशी क्षेत्र, साफ वातावरण के लिए कामन ईफलूऐंट ट्रीटमेंट प्लांट और सिविरेज ट्रीटमेंट प्लांट शामिल हैं।

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