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पंजाब सरकार द्वारा पानी के नमूने नियमित रूप से एकत्र करने और जल जनित रोगों के फैलाव को रोकने सम्बन्धी व्यापक नीति जारी

चंडीगढ़ -जल जनित रोगों के फैलाव को रोकने और इनसे होने वाली मौतों को रोकने के मद्देनजऱ पंजाब सरकार द्वारा पेयजल के नमूने एकत्र करने सम्बन्धी एक व्यापक नीति जारी की गई है।इस सम्बन्धी जानकारी देते हुए स्वास्थ्य मंत्री स. बलबीर सिंह सिद्धू ने बताया कि इस नई नीति के अनुसार शहरी क्षेत्रों के निवासियों को पेयजल की आपूर्ति और नियमित रूप से नमूने एकत्र करने की जि़म्मेदारी स्थानीय सरकार और जल आपूर्ति और सिवरेज बोर्ड की है।इसी तरह, ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की आपूर्ति और नियमित रूप ये नमूने एकत्र करने की जि़म्मेदारी जल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग की है।स. सिद्धू ने आगे कहा कि स्थानीय सरकार और जल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के निवासियों को सप्लाई किए जा रहे पानी की नियमित रूप से कलोरीनेशन को भी सुनिश्चित बनाएगा। उन्होंने आगे कहा कि राज्य में पेयजल के रोज़ाना एकत्र किए जाने वाले नमूने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा नहीं लिए जाएंगे। हालाँकि, पानी से सम्बन्धित किसी भी तरह की बीमारी के फैलने की स्थिति में स्वास्थ्य विभाग द्वारा पेयजल के नमूने एकत्र कर पानी में बैक्टीरिया होने सम्बन्धी जाँच की जाएगी और उन इलाकों से पेयजल के नमूने एकत्र किए जाएंगे, जहाँ पिछले समय के दौरान पानी से होने वाली बीमारियों के फैलने की खबरें मिली हैं। स्वास्थ्य विभाग उन क्षेत्रों से नमूने लेगा, जहाँ पानी के गंदे होने की शिकायत मिली है या जहाँ से डायरिया या पानी से होने वाली बीमारियों के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्धी सभी सिविल सर्जनों को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग द्वारा एकत्र किए गए पानी के नमूनों को जाँच के लिए स्टेट पब्लिक हैल्थ लैबोरेट्री, खरड़ भेजा जा सके। उन्होंने कहा कि तुरंत उपायों के लिए सम्बन्धित विभाग को उन इलाकों के विवरण साझे किए जाएंगे, जहाँ से पानी के नमूने (बैक्टीरिया आदि के कारण) ठीक नहीं पाए गए। हालातों को ध्यान में रखते हुए स्थानीय सरकार और जल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग उस क्षेत्र में पेयजल का वैकल्पिक स्रोत मुहैया करवाना सुनिश्चित बनाए, जहाँ से बीमारियों के मामले सामने आए हैं।स्वास्थ्य मंत्री ने आगे कहा कि उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों के पेयजल के तुरंत क्लोरीनेशन को सुनिश्चित बनाया जाना चाहिए, जहाँ से जल जनित बीमारी के फैलाव सम्बन्धी मामले सामने आ रहे हैं।

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