पंजाब

पंजाब द्वारा नॉलेज सिटी मोहाली में एन्वायरमैंट रिसोर्स सैंटर स्थापित किया जाएगा

सैंटर को 1 जनवरी से पंजाब बायोटैक्रोलॉजी इनक्यूबेटर के कैंप कार्यालय से चालू किया जाएगा
चंडीगढ़ – वातावरण की संभाल और स्थायी सुरक्षा यकीनी बनाने के लिए पंजाब बायोटैक्रोलॉजी इनक्यूबेटर (पी.बी.टी.आई) और पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पी.पी.सी.बी.) द्वारा नॉलेज सिटी मोहाली में मिलकर एन्वायरमैंट रिसोर्स सैंटर (ई.आर.सी.) स्थापित किया जायेगा।इस सैंटर को 7.5 करोड़ रुपए स्थापित करने के लिए करारनामे पर पी.बी.टी.आई. द्वारा सी.ई.ओ. डा. अजीत दूआ और पी.पी.सी.बी. द्वारा मैंबर सचिव करुनेश गर्ग ने हस्ताक्षर किये। इस मौके पर विज्ञान, तकनीक और वातावरण विभाग के सचिव राहुल तिवाड़ी और पी.पी.सी.बी. के चेयरमैन प्रोफ़ैसर एस.एस. मरवाहा भी मौजूद थे।ज़रूरत को मुख्य रखते हुए यह सैंटर मोहाली के इंडस्ट्रियल एरिया में पी.बी.टी.आई. के कैंप ऑफिस में 1 जनवरी से चालू किया जायेगा, जिससे वातावरण से सम्बन्धित अनुसंधान, उद्योग जगत, सरकारी विभागों, पंजाब की ओर से सबंधित पक्षों और साथ लगते राज्यों के कौशल विकास और सलाह मशवरे सम्बन्धी ज़रूरतें पूरी की जा सकें।इस मौके पर विज्ञान, तकनीक और वातावरण विभाग के सचिव राहुल तिवाड़ी ने कहा कि सैंटर की स्थापना के साथ वातावरण की निगरानी सम्बन्धी प्रबंध को मज़बूती मिलेगी और इसकी देख-रेख के लिए राज्य में नीति लागू की जाने के साथ ही विज्ञान और तकनीक के द्वारा वातावरण को पेश मसलों से निपटने के सामथ्र्य को भी मज़बूत मिलेगी। पी.पी.सी.बी. के चेयरमैन डा. एस.एस. मरवाहा ने इस मौके पर अपने विचार रखते हुए कहा कि मौजूदा समय में राज्य में कोई भी ऐसी संस्था नहीं जोकि वातावरण से सम्बन्धित चुनौतियों का सामना करने के लिए उद्योग जगत और अन्य सम्बन्धित पक्षों की मदद कर सके। उन्होंने आगे कहा कि इस सैंटर द्वारा प्रांतीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को तकनीकी मदद दी जायेगी, जिससे अनुसंधान सम्बन्धी ज़रूरतों के अलावा हरेक राज्य की ज़रूरत के अनुसार मापदंड निर्धारित किये जा सकें और वातावरण प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए कार्यविधी निर्धारित की जा सके।उन्होंने आगे कहा कि इस सैंटर द्वारा विज्ञान एवं तकनीक से संबंधित जानकारी उद्योगों और अन्य सम्बन्धित पक्षों को मुहैया करवाई जा सके, जिससे कि प्रदूषण नियंत्रण प्लांटों/उपकरणों/तकनीकों की कारगुज़ारी का मूल्यांकन किया जा सके। इस सैंटर द्वारा ऐफलूऐंट ट्रीटमेंट प्लांटों और हवाई प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों को चलाने वालों, लैबारेट्री स्टाफ और सरकारी अधिकारियों के लिए कौशल विकास और जागरूकता प्रोग्राम भी चलाए जाएंगे। यह सैंटर अपने लक्ष्य हासिल करने के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के संगठनों के साथ तालमेल करेंगे। डा. मरवाहा ने यह भी जानकारी दी कि इस सैंटर के अंतर्गत पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पंजाब बायोटैक्रोलॉजी इनक्यूबेटर के स्टाफ के अलावा बाहरी माहिरों की महारत का फ़ायदा सभी सम्बन्धित पक्षों को मिलेगा। सी.ई.ओ पंजाब बायोटैक्रोलॉजी इनक्यूबेटर डा. अजीत दूआ ने बताया कि समय बीतने के साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर मदद की से इस सैंटर को और भी मज़बूती प्रदान की जायेगी।

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