पंजाब

पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में डिजिटल तकनीक के विकास के लिए इंटरनेश्नल डिजिटल हैल्थ और आर्टीफिशल इंटेलिजेंस रिर्सच के साथ समझौता सहीबद्ध किया

चंडीगढ़ – स्वास्थ्य क्षेत्र में डिजिटल तकनीक का विकास करने हेतु पंजाब सरकार द्वारा इंटरनेशनल डिजिटल हैल्थ और आर्टीफिशल इंटेलिजेंस रिर्सच (आई-डीएआईआर) के साथ इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेश्नल एंड डिवैल्पमैंट स्ट्डीज़, जनेवा में समझौता सहीबद्ध किया गया है।पंजाब सरकार द्वारा समझौते पर दस्तख़त करते हुए प्रशासनिक सुधारों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, अनिरुध तिवाड़ी ने कहा कि कोविड-19 महामारी ने हम नागरिकों की निजी, सामाजिक और आर्थिक कल्याण के साथ-साथ सार्वजनिक स्वास्थ्य की महत्ता को भी दिखाया है। उन्होंने कहा कि डाटा और आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस (ए.आई.) छूत और ग़ैर-संचारित रोगों जैसी गंभीर महामारियों का मुकाबला करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकती है।इस दौरान स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के प्रमुख सचिव हुसन लाल ने बताया कि पंजाब सरकार और आई-डीएआईआर आने वाले महीनों के लिए प्रमुख प्रोजैक्टों के लिए आधार बनाएगी, जिसमें डाटा इंटरऑपरेबिलटी, रियल टाईम ऐपीडैम्योलॉजी और डैशबोर्ड, डिजिटल स्वास्थ्य समाधान के मापदण्डों और अभ्यास में तालमेल बढ़ाने के तरीके शामिल हैं, जो राज्य सरकार के चल रहे डिजिटल स्वास्थ्य कार्यों को आगे बढ़ाने और निर्माण में सहायक होंगे।इस विलक्षण पहलकदमी के लिए टीम को बधाई देते हुए मुख्य सचिव, विनी महाजन ने कहा, ‘‘हमें गर्व है कि स्वास्थ्य के लिए लोक-केंद्रित डिजिटल बुनियादी ढांचे के मॉडलों के विकास में पंजाब को आई-डीएआईआर का पहला सरकारी हिस्सेदार के तौर पर चुना गया है।’’विचार-विमर्श में हिस्सा लेते हुए आई-डीएआईआर के नुमायंदे अमनदीप सिंह गिल ने बताया कि पंजाब 6 दशक पहले हरित क्रांति-तकनीक के विकास के युग में अग्रणी रहा है। उन्होंने आगे बताया कि यह सहयोगी प्रयास लगभग 3 करोड़ पंजाबियों को विश्व भर में स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाने के लिए डिजिटल अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि आई-डीएआईआर टीम आने वाले सालों में नागरिकों के लिए उत्तम चिकित्सा और स्वास्थ्य सुविधाओं को यकीनी बनाने के लिए इस रणनीतिक हिस्सेदारी को विकसित करने के लिए रूप-रेखा तैयार कर रही है।जि़क्रयोग्य है कि प्रशासनिक सुधारों और सार्वजनिक शिकायतें विभाग जो कि डिजिटल तबदीली के लिए जि़म्मेदार है, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की हिस्सेदारी के साथ आई-डीएआईआर के सहयोग के साथ नेतृत्व करेंगे। अनुसंधान एवं विकास (आर एंड डी) के लिए पंजाब के अकादमिक, उद्योग और स्वास्थ्य संभाल क्षेत्र इसके हिस्सेदार के तौर पर शामिल होंगे। इसके साथ ही आई-डीएआईआर के राज्य सरकार के साथ भागीदारों के नए समझौते भी शामिल हैं, जैसे कि लंदन स्कूल ऑफ हाईजिन एंड ट्रोपिकल मैडिसन, इंस्टीट्यूट ऑफ इलैक्ट्रिकल एंड इलैक्ट्रॉनिक्स इंजीनियजऱ् (आईईईई), फाऊंडेशन फॉर इनोवेटिव एंड न्यू डायग्नोस्टिक्स (एफआईएनडी) और जिनेवा यूनिवर्सिटी शामिल हैं।

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