कोविड -19 के कारण वित्तीय संकट का सामना करने वाली सहकारी संस्थाओं के मज़बूतीकरन के लिए इस्तेमाल की जायेगी यह राशि – रंधावा
चंडीगढ़ – सहकारिता मंत्री सुखजिन्दर सिंह रंधावा की अथक कोशिशों के परिणामस्वरूप नाबार्ड की तरफ से पंजाब राज्य सहकारी कृषि विकास बैंक (पी.एस.सी.ए.डी.बी.) को 750 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता को मंज़ूरी दे दी गई है।नाबार्ड के चेयरमैन जी.आर चिंताला का धन्यवाद करते हुये सहकारिता मंत्री सुखजिन्दर सिंह रंधावा ने कहा कि स्पैशल लिकुईटिडी फंड (एस.एल.एफ) के अंतर्गत प्राप्त 750 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता का प्रयोग मौजूदा उच्च ख़र्च वाली देनदारियों की फिर अदायगी और नये कर्जों के लिए की जायेगी। नाबार्ड की तरफ से मंज़ूर वित्तीय सहायता राज्य की सहकारी संस्थाओं, जो इस समय कोविड -19 महामारी के दौरान गंभीर वित्तीय संकट का सामना कर रही हैं, के मज़बूतीकरन में सहायक सिद्ध होगी।स. रंधावा ने नाबार्ड के चेयरमैन को सहकारिता विभाग और नाबार्ड के कामकाज में और कुशलता लाने हेतु आपसी तालमेल बनाने के अन्य तरीकों और साधनों की आलोचना के लिए पंजाब आने का न्योता भी दिया।सहकारिता मंत्री ने आगे बताया कि 750 करोड़ रुपए की कुल वित्तीय सहायता में से 400 करोड़ रुपए पी.एस.सी.ए.डी.बी. की मौजूदा उच्च ख़र्च वाली देनदारियों की फिर अदायगी के लिए और 350 करोड़ रुपए नये कर्जों के लिए इस्तेमाल किये जाएंगे।जि़क्रयोग्य है कि नाबार्ड की तरफ से यह राशि 11 नवंबर को सहकारिता मंत्री सुखजिन्दर सिंह रंधावा के नेतृत्व अधीन सहकारिता विभाग के प्रतिनिधिमंडल की तरफ से चेयरमैन जी.आर.चिंताला के साथ की मीटिंग के दौरान हुये विचार-विमर्श के उपरांत जारी की गई। प्रतिनिधिमंडल में रजिस्ट्रार सहकारी सभाएं विकास गर्ग और पी.एस.सी.ए.डी.बी. के एम.डी. चरनदेव सिंह मान भी उपस्थित थे।