खेल

पिछली सरकार के समय इनामी राशि से वंचित 2339 खिलाडिय़ों का नकद इनामी राशि के साथ सम्मान जल्द- राणा सोढी

अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिपों में भाग लेने के इच्छुक खिलाडिय़ों को आर्थिक और खेल उपकरणों सम्बन्धी मदद के लिए सीधे तौर पर जि़ला खेल अफ़सरों के साथ संपर्क करने के लिए कहा

चंडीगढ़ – पंजाब के खेल और युवा सेवाओं संबंधी मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढी ने आज बड़ा ऐलान करते हुये कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान इनामी राशि से वंचित रहे करीब 2400 खिलाडिय़ों को जल्द नकद इनामी राशि दी जायेगी। इसके अलावा 2017 से अब तक के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के रहते विजेता खिलाडिय़ों को भी नकद इनामी राशी के साथ सम्मानित किया जायेगा।यहाँ खेल विभाग के उच्च अधिकारियों और राज्य भर के जि़ला खेल अफसरों के साथ मीटिंग के दौरान राणा सोढी ने विभागीय अधिकारियों को इनामों के क्रमवार वितरण के लिए सूचियां तैयार करने के लिए कहते हुये कहा कि साल 2007 से 2015 तक के 2339 खिलाडिय़ों समेत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यश अर्जित करने वालों को इनामी राशि के वितरण के लिए विभाग के पास फंड मौजूद हैं, जिसकी वितरण जल्द शुरू किया जायेगा। जि़ला खेल अफसरों को खेल गतिविधियों फिर शुरू करने संबंधी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय, खेल अथारिटी आफ इंडिया (साई) और पंजाब के स्वास्थ्य विभाग के स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजरज़ की यथावत पालना यकीनी बनाने का आदेश देते हुये उन्होंने कहा कि हर खिलाड़ी का आर.टी.पी.सी.आर. टैस्ट लाजि़मी है और स्टेडियमों के दाखि़ले वाली जगह थर्मल स्कैनिंग का प्रबंध ज़रूर किया जाये। इसके अलावा प्रशिक्षण प्रोग्राम में एक ही समय सभी खिलाडिय़ों की हाजिऱी की जगह ग्रुपों में प्रशिक्षण दिया जाये। उन्होंने कहा कि हर प्रशिक्षण सैशन के बाद स्टेडियमों को रोगाणु मुक्त करना यकीनी बनाया जाये। इन निर्धारित मापदण्डों की पालना के लिए जि़ला खेल अफ़सर पूरी तरह जि़म्मेदार होंगे।खेल मंत्री ने जि़ला खेल अफ़सरों को कहा कि अगर कोई खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मुकाबलों में भाग लेना चाहता है और उसे आर्थिक मदद की ज़रूरत है तो वह सम्बन्धित जि़ला खेल अफ़सर के साथ मुलाकात करके मदद ले सकता है। विभाग की यह कोशिश है कि कोई भी होनहार खिलाड़ी मुकाबलों में भाग लेने से वंचित न रहे। उन्होंने उभरते खिलाडिय़ों को उत्साहित करने के लिए हर स्टेडियम में महान खिलाडिय़ों की तस्वीरों और उपलब्धियों वाले फलैक्स लाने संबंधी भी कहा। इसके साथ-साथ पंजाब की खेल नीतियों की विशेषताएं जैसे कि नकद इनामी राशी, खिलाडिय़ों को सरकारी नौकरियों में आरक्षण और महाराजा रणजीत सिंह ऐवार्डों संबंधी स्कूलों में पुस्तिकें बाँटी जाएँ जिससे नौजवानों को खेल की तरफ आने के लिए प्रेरित किया जा सके।मीटिंग के दौरान खेल विभाग के प्रमुख सचिव के. सिवा प्रसाद और डायरैक्टर डी.पी.एस. खरबन्दा ने अधिकारियों को प्रशिक्षण गतिविधियों फिर शुरू करने के दौरान ‘साई’ और खेल विभाग के निर्धारित मापदण्डों संबंधी विस्तारपूर्वक समझाया और इस दौरान आने वाली परेशानियों संबंधी पूछा। उन्होंने कहा कि खिलाडिय़ों या उनके माता-पिता से प्रशिक्षण सैशनों में शामिल होने के लिए सहमति पत्र लिया जाये और हर खिलाडिय़ों के फ़ोन पर ‘आरोग्या सेतु ’ एप डाउनलोड होना ज़रूरी है। उन्होंने खिलाडिय़ों की नर्सरी तैयार करने के लिए अधिकारियों की ड्यूटियों भी लगाईं जिससे हर खेल के लिए खिलाडिय़ों के चयन के लिए व्यापक आधार तैयार हो सके। मीटिंग के दौरान संयुक्त सचिव खेल कौंसिल करतार सिंह और सभी जिलों के खेल अफ़सर भी उपस्थित थे।

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