अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव से पहले अमेरिकी नेशनल इंटेलीजेंस के निदेशक ने कहा, रूस और ईरान के पास मतदाताओं का डेटा है। अमेरिका में तीन नवंबर को राष्ट्रपति चुनाव होना है । ओपिनियन पोल्स में ट्रंप और बाइडेन के बीच कड़े मुक़ाबले का अनुमान लगाया जा रहा है।अमेरिका में नए राष्ट्रपति के लिए 3 नवंबर को होने वाले चुनाव के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जो बाइडेन के बीच टेनेसी के नेशविले में आज अंतिम प्रेसिडेंशियल डिबेट होगी। दोनों ओर से धुंआधार प्रचार और आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। यहां मौजूद दशर्को के लिए फेस मास्क पहनना आवश्यक होगा।इस बीच यूएस इंटेलिजेंस के निदेशक जॉन रैटक्लिफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रूस और ईरान के हस्तक्षेप की कोशिश के मामले में कार्रवाई करने की बात कही है। एक मीडिया ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए, रैटक्लिफ ने कहा कि 2020 के चुनाव में दोनों राष्ट्रों द्वारा मतदाता पंजीकरण की जानकारी प्राप्त करने की कोशिश की गई थी।उनका ये भी कहना था कि ईरान ने मतदाताओं को गलत जानकारी भेजी थी जिसमें स्पूफ ईमेल भी शामिल थे, जिसमें दावा किया गया था कि धोखाधड़ी वाले मतपत्र विदेशों से भेजे जा सकते हैं। रैटक्लिफ ने कहा कि खुफिया अधिकारियों ने रूस से ईरान की तरह की गतिविधि नहीं देखी है, लेकिन उनका कहना था कि रूस ने भी मतदाता जानकारी प्राप्त की है।दूसरी तरफ राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवारों के बीच अंतिम बहस से पहले बहस संचालित करने वाले आयोग ने नए नियमों की घोषणा की है। नए नियमों के मुताबिक ट्रंप और बाइडेन दोनों को ही बहस के 15 मिनट वाले प्रत्येक खंड के दौरान शुरुआती दो मिनट निर्बाध रूप से बोलने के लिए दिए जाएंगे। ट्रंप और जो बाइडेन के बीच 29 सितंबर को क्लीवलैंड में पहली डिबेट हुई थी।पहली प्रेसिडेंशियल डिबेट के दौरान दोनों उम्मीदवारों ने एक-दूसरे के परिवारों पर जमकर छींटाकशी की थी, जिससे यह बहस मुद्दे से भटक गई थी। ट्रंप और बाइडेन के बीच दूसरी प्रेसिडेंशियल डिबेट 15 अक्टूबर को मियामी (फ्लोरिडा) में प्रस्तावित थी। हालांकि, सीपीडी ने कोरोना वायरस से जुड़ी चिंताओं के मद्देनजर दूसरी डिबेट को वर्चुअल तरीके से कराने का ऐलान किया था, जिसके चलते ट्रंप ने इस डिबेट में शामिल होने से इनकार कर दिया था। आखिरकार 15 अक्टूबर की यह डिबेट रद्द हो गई थी।