प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए डॉक्टर बालासाहेब विखे पाटिल की आत्मकथा का विमोचन करेंगे और ‘प्रवर रूरल एजुकेशन सोसाइटी’ का नाम बदलकर ‘लोकनेते डॉ. बालासाहेब विखे पाटिल प्रवर रूरल एजुकेशन सोसाइटी’ रखेंगे।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज वीडियो कांफ्रेंस के जरिए डॉक्टर बालासाहेब विखे पाटिल की आत्मकथा का विमोचन करेंगे और प्रवर ग्रामीण शिक्षा सोसाइटी को लोकनेत डॉक्टर बालासाहेब विखे पाटिल प्रवर ग्रामीण शिक्षा सोसाइटी नाम देंगे। डॉक्टर बालासाहेब विखे पाटिल कई बार लोकसभा के लिए सांसद चुने गए। उनकी आत्मकथा का शीर्षक है- देह वीचवा करणी, जिसका अर्थ है – किसी उत्तम कार्य के लिए अपना जीवन समर्पित करना।डॉ पाटिल कृषि और सहकारिता सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपने विशिष्ट कार्यों के लिए जाने जाते हैं। प्रवर ग्रामीण शिक्षा सोसाइटी की स्थापना महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के लोनी में वर्ष 1964 में हुई थी। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में उच्चस्तरीय शिक्षा उपलब्ध करना और बालिकाओँ को सशक्त बनाना है। यह सोसाइटी विद्यार्थियों के शैक्षणिक, आर्थिक, सांस्कृतिक, शारीरिक और मनोवैज्ञानिक विकास के लिए काम कर रही है।