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मोहाली के सिवल सर्जन डा. मनजीत सिंह को मिली तरक्की, स्वास्थ्य विभाग के डायरैक्टर बने स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय में पद संभाला

चंडीगढ़ – जि़ला मोहाली के सिवल सर्जन डा. मनजीत सिंह तरक्की हासिल करने के बाद स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग, पंजाब के डायरैक्टर बन गए हैं। उनकी नयी नियुक्ति सम्बन्धी हुक्म आज स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव आई.ए.एस. अधिकारी श्री हुसन लाल की तरफ से जारी किये गए। उन्होंने चण्डीगढ़ में स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय में आज दोपहर अपना पद संभाल लिया। कुछ साल पहले ब्लड कैंसर की लाईलाज बीमारी से स्वास्थ्य होने वाले डा. मनजीत सिंह ईमानदार और मेहनती अफ़सर के तौर पर जाने जाते हैं। वह स्वास्थ्य विभाग में साल 1985 में बतौर मैडीकल अफ़सर भर्ती हुए थे। उनकी पहली नियुक्ति सब्सायडरी हैल्थ सैंटर चलहेड़ी खुर्द जि़ला पटियाला में हुई थी। इस के बाद वह डकाला, समाना और माता कौशल्या अस्पताल पटियाला में अलग-अलग समय के दौरान तैनात रहे। साल 2010 में वह सीनियर मैडीकल अफ़सर बने और त्रिपड़ी के कम्युनिटी हैल्थ सैंटर में नियुक्त हुए। इसके बाद 2017 में वह सिवल सर्जन बने और पहली नियुक्ति मोगा में हुई। फिर कुछ समय संगरूर में रहने के बाद वह 21 जून 2019 को मोहाली के सिवल सर्जन बने। जि़क्रयोग्य है कि माता कौशल्या अस्पताल में बतौर आँखों के सर्जन उन्होंने सैंकड़े कैंप लगाऐ और हज़ारों लोगों की सेवा की।यह विलक्षण प्राप्ति भी उनके नाम है कि वह मोहाली के पहले सिवल सर्जन थे जिन्होंने दीवाली से दो दिन पहले सार्वजनिक तौर पर ऐलान किया था कि वह दीवाली के तोहफ़े स्वीकृत नहीं करेंगे। उन्होंने अपने कार्यालय के बाहर तख़्ती लगा दी थी जिस पर लिखा था, ‘दीवाली की खुशियाँ बाँटो, तोहफ़े नहीं।’ जि़क्रयोग्य है कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने बीती 15 अगस्त को मोहाली में हुए राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समागम के दौरान डा. मनजीत सिंह के द्वारा ‘कोविड -19’ के विरुद्ध जंग में निभाई जा रही लामिसाल और समर्पित सेवाओं के लिए उनकी काफ़ी सराहना की थी। मुख्यमंत्री ने कहा था कि बीमारी से पीडि़त होने के बावजूद वह इस महामारी के विरुद्ध चलाए जा रहे ‘मिशन फतेह’ में अग्रणी और डटकर भूमिका निभा रहे हैं जो दूसरे के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। यहाँ भी यह भी बताने योग्य है कि डा. मनजीत सिंह ने मोहाली शहर की गली -गली में घूमते लोगों को अलग -अलग बीमारियों खासकर डेंगू बुख़ार संबंधी जागरूक किया। उनके सख्त यतनों का नतीजा था कि पिछले सीजन के दौरान जि़ले में डेंगू के मामले 70 प्रतिशत तक घटे थे। सिवल सर्जन ने ‘कोरोना वायरस’ महामारी के विरुद्ध जंग में जहाँ अपनी टीमों का ख़ुद मैदान में डट कर नेेतृत्व किया, वहीं वह आप भी मरीज़ों के घरों तक गए। उन्होंने जि़ले की सरकारी स्वास्थ्य संस्थाओं में लोगों को बेहतर और मानक स्वास्थ्य सहूलतें देने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी। डा. मनजीत सिंह ने डाक्टरों, नर्सों, पैरा-मेडिकल स्टाफ, स्वास्थ्य कामगारों, आशा वर्करों और अन्य समूचे स्टाफ का धन्यवाद करते हुये कहा कि बतौर सिवल सर्जन कार्यकाल के दौरान उनको जि़ला स्वास्थ्य विभाग के समूचे स्टाफ का अच्छा सहयोग और साथ मिला है। डा. मनजीत सिंह ने कहा कि ‘कोरोना वायरस’ महामारी के दौरान समूचा स्टाफ लगभग 8 महीनों से दिन -रात लोगों की सेवा करने में जुटा हुआ है। उन्होंने इस बीमारी के विरुद्ध फ्रंट पर काम कर रहे डाक्टरों, लैब तकनीशनों, नर्सों, स्वास्थ्य कामगारों और अन्य समूचे स्टाफ का धन्यवाद करते हुये कहा कि वह अपनी जान जोखिम में डाल कर, अपने परिवार की परवाह किये बिना, अपनी सेवाओं दे रहे हैं जो बेहद काबले -तारीफ़ है।

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