पंजाब

‘‘मानक शिक्षा के लिए समाज की भागीदारी अनिवार्य’’, लंदन में एजुकेशन वल्र्ड फोरम में सिंगला द्वारा ज़ोरदार वकालत

चंडीगढ़ – लंदन में एजुकेशन वल्र्ड फोरम में संबोधन करते हुए पंजाब के शिक्षा मंत्री श्री विजय इंदर सिंगला ने ज़ोरदार ढंग से कहा कि समाज की सक्रिय सम्मिलन के बिना शिक्षा प्रदान करने का मंतव्य पूरा नहीं हो सकता और इस असंतुलन के कारण सरकार और समाज के लिए बच्चों की समान भागीदारी, समानता और मानक शिक्षा प्रदान करना असंभव है। बता दें कि लंदन में हर साल अलग-अलग देशों के शिक्षा मंत्रियों के स्तर का यह सैमीनार करवाया जाता है जिसमें दुनिया भर के मंत्री ख़ास विषयों पर ध्यान केंद्रित करते शिक्षा के भविष्य संबंधी विचार -विमर्श के लिए इकठ्ठा होते हैं।छह दिवसीय समागम के दूसरे दिन अपने भाषण के दौरान श्री सिंगला ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में उद्योगपतियों की बड़ी सांस्कृतिक-सामाजिक जि़म्मेदारी बनती है। उन्होंने उद्योगपतियों को स्कूलों के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए आगे आने की अपील भी की।पंजाब के शिक्षा विभाग की विलक्षण पहलकदमी ‘‘हर एक, लाए एक’’ बारे रौशनी डालते हुए शिक्षा मंत्री ने बताया कि विभाग ने पूर्व-प्राथमिक स्तर पर दाखि़ला बढ़ाने के लिए सरकारी स्कूलों के लिए विशेष दाखि़ला मुहिम शुरू की है। उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 2.50 लाख विद्यार्थी पूर्व-प्राथमिक क्लासों में दाखि़ल हो चुके हैं। श्री सिंगला ने बताया कि सरकारी स्कूलों में दाखि़ले बढ़ाने, विद्यार्थियों के भाषायी हुनर को तराशने और उनको प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं के लिए तैयार करने हेतु 6113 सरकारी प्राथमिक, माध्यमिक, हाई और सीनियर सेकंडरी स्कूलों में अंग्रेज़ी भाषा शुरू की गई है। उन्होंने बताया कि इसी तरह ‘हर एक-पढ़ाए एक’ पहल के अंतर्गत सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों में पढऩे की आदत डालने के लिए रीडिंग कॉर्नर स्थापित किये गए हैं।शिक्षा मंत्री ने कहा कि पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के सर्टिफिकेट विद्यार्थियों के आधार कार्डों के साथ जोड़े गए हैं और ऑनलाइन जारी किये जाते हैं। उन्होंने बताया कि सही मुल्यांकन के लिए सवालों के नंबरों के जोड़ की जगह उत्तर पुस्तिकाओं के पूरे पुन: मुल्यांकन को यकीनी बनाया गया है। पाठ पुस्तकों को ई-पुस्तकों में बदला गया है और अब सभी पुस्तकें इस माध्यम के द्वारा उपलब्ध हैं। परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए संवेदनशील केन्द्रों में वीडियो कैमरे लगाऐ गए हैं। परीक्षकों की सुविधा के लिए अंक गणना के लिए मोबाइल एप शुरू की गई है। उन्होंने बताया कि प्राथमिक की किताबों को पाठ्यक्रम के अनुसार सुधारा गया है।राज्य में शिक्षा प्रणाली में बड़े सुधारों पर रौशनी डालते हुए कैबिनेट मंत्री ने अलग अलग मुल्कों के मंत्रियों की हाजिऱी में बताया कि पंजाब के एक हज़ार स्कूलों में पायलट आधार पर बायो मैट्रिक हाजिऱी प्रणाली शुरू की गई है, जबकि बाकी स्कूलों में फरवरी 2020 तक बायो मैट्रिक मशीनें लगाईं जाएंगी। इसके अलावा स्मार्ट क्लास रूमों के लिए विद्यार्थियों को कंप्यूटर और टैबलेट जैसे आई.टी. उपकरण दिए जा रहे हैं। इसी तरह वातावरण की संभाल और सरकारी खजाने को बचाने के लिए सरकारी स्कूलों में सौर ऊर्जा के प्रयोग पर ज़ोर दिया जा रहा है और अब तक 880 सरकारी सीनियर सेकंडरी स्कूलों में सोलर पैनल लगाए गए हैं।श्री विजय इंदर सिंगला ने बताया कि पंजाब भारत में पहला राज्य है, जिसने पारदर्शिता यकीनी बनाने के लिए अध्यापकों के तबादले हेतु ऑनलाइन तबादला नीति लागू की है। विभाग ने दूर-दराज के इलाकों में अध्यापकों की कमी को दूर करने के लिए सरहदी इलाकों के लिए अध्यापकों का अलग कैडर बनाया है।

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