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ईरान और अमेरिका के बीच घटा तनाव, कच्चे तेल के दाम गिरे

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम हो रहा है… राष्ट्रपति ट्रॅंप के कल दिए बयान के बाद ईरान की ओर से कोई बुरी प्रतिक्रिया ना आना भी एक अच्छा संकेत माना जा रहा है…ये स्पष्ट है की जंग टल गई है..और वैश्विक बाज़ारों में भी इस खबर का असर दिखा…वैश्विक बेज़ार हरे रंग में रंगे दिखे..लेकिन मौजूदा हालात में अमेरिका और ईरान के संबंध में हर कूटनीतिक बयान पर सबकी नज़र है..भारत ने कहा कि वो शांति के लिए तमाम देशों के संपर्क में है।ईरान की ओर से बुधवार को इराक में अमेरिकी सैनिक ठिकानों पर मिसाइल हमले के बाद पूरी दुनिया युद्ध की आशंका से सहम गई थी। हालांकि बुधवार रात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद दुनिया को अमन की आस जगी है। ट्रंप के बयान के बाद ईरान की ओर से किसी प्रतिक्रिया का न आना भी शांति की उम्मीद जगा रहा है। दुनिया में शांति की उम्मीद किस कदर है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि ट्रंप के बयान के बाद कच्‍चे तेल के भाव में 4 फीसदी से अधिक की नरमी देखने को मिली है और यह 66 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। इससे पहले बुधवार को ईरान द्वारा जवाबी कार्रवाई के बाद कच्‍चे तेल के भाव 71 डॉलर प्रति बैरल के भाव तक पहुंच गया था।अमेरिकी शेयर बाजारों में भी तेजी देखने को मिली। भारत समेत तमाम एशियाई बाजारों में रौनक रही। भारत में शेयर बाजार में रौनक लौटी तो साथ ही रुपया भी मजबूत हुआ। इस बीच अमेरिका के उप राष्ट्रपति माइक पेंस ने दावा किया है कि अमेरिका को कुछ सकारात्मक खुफिया जानकारी मिली है कि ईरान ने शीर्ष कमांडर की हत्या के बाद अपनी मिलिशिया से अमेरिकी अड्डों या नागरिकों को निशाना ना बनाने को कहा है।पेंस ने एक साक्षात्कार में कहा, मुझे लगता है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के नेतृत्व और साहस एवं बेहतरीन पेशेवर व्यवहार, जिसका हमारी सेना ने पिछले कुछ सप्ताह में प्रदर्शन किया उसकी वजह से अमेरिकी लोग आज रात आराम से सो सकते हैं। ट्रम्प प्रशासन, ईरान के शासन में बदलाव नहीं चाहता लेकिन शासन के रुख में बदलाव जरूर चाहता है।”इससे पहले बुधवार रात ट्रंप ने कहा कि इराक में अमेरिकी ठिकानों पर ईरान के हमले में किसी भी अमेरिकी को नुकसान नहीं पहुंचा है। ट्रंप ने ईरानी नेतृत्व को शांति की पेशकश की जिसे पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के लिए अहम कदम माना जा रहा है।ट्रंप के बयान का दुनिया के कई देशों ने स्वागत किया है और शांति की अपील की है। भारत ने कहा कि वो शांति के लिए तमाम देशों के संपर्क में है।उधर यूरोपीय संघ और ब्रिटेन ने कहा है कि अमेरिका को खुद की रक्षा का अधिकार है।शांति की बातों के बीच इराक की राजधानी के उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र ग्रीन जोन में बुधवार को दो रॉकेट आकर गिरे। इस इलाके में अमेरिकी मिशन समेत अन्य देशों के दूतावास स्थित हैं। उधर ईरान कहा है कि वह इराक की क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करता है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस को लिखे गए पत्र में संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत माजिद तख्त रवांची ने कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने को लेकर समर्पित है और वह युद्ध को बढ़ाना नहीं चाहता है।

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