पंजाब

गुरदासपुर जिले के कांग्रेसी नेताओं ने बिक्रम मजीठिया को दिया बदले में जवाब

‘‘जिन लोगों के घर शीशे के होते हैं, वह दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकते’’

चंडीगढ़ – ‘‘कांग्रेस पार्टी और इसके नेताओं का इतिहास देश और समाज के लिए बलिदान देने वाला और समाज की भलाई के लिए अथक संघर्ष वाला रहा है। पार्टी के नेताओं ने हमेशा ही आगे रह कर लोक हितों की आवाज़ बुलंद की है, जिस कारण पार्टी लोगों की आवाज़ बनने में कामयाब हुई है। इसके नेताओं को शिरोमणी अकाली दल के नेताओं से किसी तरह के प्रमाण पत्र की बिल्कुल भी ज़रूरत नहीं है।’’ गुरदासपुर जिले के कांग्रेसी नेताओं कैबिनेट मंत्री श्रीमती अरुणा चौधरी, विधायक बरिन्दरमीत सिंह पाहड़ा, फतेहजंग सिंह बाजवा, बलविन्दर सिंह लाडी और पूर्व विधायक अश्वनी सेखड़ी ने कहा कि शिरोमणी अकाली दल के बड़बोले और बदनाम नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की तरफ से जिस तरह की अनावश्यक और बेबुनियाद किस्म के इल्ज़ाम लगाने वाली बयानबाज़ी पंजाब के कैबिनेट मंत्री स. सुखजिन्दर सिंह रंधावा के खि़लाफ़ की जा रही है, वह ज़ाहिर करती है कि अकाली नेता लोगों में अपना आधार गंवा लेने के बाद पूरी तरह बौखलाहट में आ गए हैं और इस तरह की तुच्छ राजनीति द्वारा फिर से चर्चा में आना चाहते हैं।कांग्रेसी नेताओं ने आगे कहा कि समूचा पंजाब स. सुखजिन्दर सिंह रंधावा और उनके पिता मरहूम स. संतोख सिंह रंधावा की पंजाब के हितों के लिए दिए बलिदान से अच्छी तरह वाकिफ है। जिस तरह रंधावा परिवार ने पंजाब के काले दौर के दौरान डटकर लड़ाई लड़ी, वह किसी से छिपा नहीं। इसके उलट जिस तरह अकाली नेता ख़ासकर बिक्रम सिंह मजीठिया के पंजाब को नशो में लिप्त अनसरों के साथ संबंधों के खुलासे होते रहे, वह यह साफ़ ज़ाहिर करता है कि अकाली नेताओं से बड़ा पंथ और पंजाब का दुर्भावनापूर्ण और कोई नहीं हो सकता।कांग्रेसी नेताओं ने आगे कहा कि जिस तरह अकालियों के 10 वर्षों के कुशासन के दौरान रेत माफिया, भूमी -माफिया और केबल माफिया फूला-फला और पंजाब की अर्थ व्यवस्था नीचे की ओर गई, उसको देखते हुए अकाली नेताओं को कोई हक नहीं रह जाता कि वह स. सुखजिन्दर सिंह रंधावा जैसे देशभक्त नेता पर उंगली उठाएं, क्योंकि जिन लोगों के ख़ुद के घर शीशे के होते हैं, वह दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकते। उन्होंने कहा कि बेअदबी जैसे घृणित पाप के लिए भी अकाली दल जि़म्मेदार है।कांग्रेसी नेताओं ने कहा कि अकाली नेताओं की तरफ से नशा तस्करों और गैंग्स्टरों की सरपरस्ती करने स्वरूप ही हमारी सरकार को विरासत में यह सब कुछ मिला परन्तु हमारे मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व अधीन राज्य सरकार ने अपने ढाई साल के कार्यकाल में नशों पर लगाम कसी और गैंगस्टारों पर भी नकेल कसी। उन्होंने कहा कि यह बात जग ज़ाहिर है कि राज्य में गैंगस्टर कल्चर की शुरुआत और चिट्टे का कारोबार अकाली दल के 10 साल के कार्यकाल के दौरान ही शुरू हुआ और आज अकाली नेता कौन से मुँह से दुहाई दे रहे हैं। उन्होंने स. रंधावा पर कीचड़ फेंकने वाले मजीठिया को याद करवाते हुए कहा कि वह गैंगस्टरों और नशा तस्करों के साथ अपनी जग ज़ाहिर हुई तस्वीरों बारे भी स्पष्टीकरण दें। अपने आप को पंथक कहलाने वाले अकाली सारी उम्र अपने ऊपर से धार्मिक बेअदबियों का कलंक नहीं मिटा सकते।

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