रिश्वत मामले में ए.एस.आई. गिरफ्तार, सह-दोषी ए.एस.आई. के विरुद्ध मामला दर्ज
चंडीगढ़ – विजीलैंस ब्यूरो, पंजाब ने पनग्रेन के दो इंस्पेक्टर तरनजीत सिंह और विकास शर्मा को 10,000 खाली बोरियों का दुरुपयोग करने और सरकारी खजाने को नुक्सान पहुँचाने के दोष के तहत गिरफ्तार किया है। एक अन्य मामले में विजीलैंस ब्यूरो ने थाना सदर गुरदासपुर में तैनात एक सहायक सब इंस्पेक्टर (ए.एस.आई.) को 40,000 रुपए की रिश्वत लेते हुये रंगे हाथों काबू किया।विजीलैंस ब्यूरो के एक प्रवक्ता ने जानकारी देते हुये बताया कि दोनों इंस्पेक्टरों के अलावा जगदम्बे राइस मिल ख़ासा, अमृतसर के मालिक विनोद कुमार और मार्किट कमेटी, अमृतसर के अधिकारियों /कर्मचारियों के खि़लाफ़ बोरियों का दुरुपयोग करने के दोष के तहत भ्रष्टाचार का केस दर्ज किया गया है।उन्होंने बताया कि विजीलैंस ब्यूरो रेंज अमृतसर के डी.एस.पी. हरप्रीत सिंह को तरनजीत सिंह और विकास शर्मा की तरफ से इन बोरियों को जगदम्बे राइस मिल नाम की एक निजी मिल को भेजने की सूचना मिली थी जो आगे भगतवाला अनाज मंडी में भेजी जानी थी। यह धान की फ़सल सस्ते रेट पर खरीदी जा रही थी और उच्च रेटों पर सरकार को बेची जा रही थी।इस केस में विजीलैंस ब्यूरो ने दोनों मुलजि़मों के खि़लाफ़ 406, 420, 465, 467, 468, 471, आई.पी.सी. की धारा 120-बी और पी.सी. एक्ट 1988 की धारा 7, 8 के अंतर्गत दोषों की जांच के लिए विजीलैंस ब्यूरो पुलिस थाना अमृतसर में केस दर्ज किया गया है और अगली जांच जारी है।एक अन्य मामले में ए.एस.आई. रजिन्दर कुमार को पठानकोट जिले के गाँव जंगला के निवासी इंद्रजीत राय की शिकायत पर रंगे हाथों काबू किया गया। इस मामले में एक और ए.एस.आई. कुलदीप सिंह, जोकि अब पंजाब पुलिस अकैडमी फिल्लौर में प्रशिक्षण ले रहा है, की गिरफ्तारी अभी बाकी है।इस केस का विवरण देते हुये उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता ने विजीलैंस ब्यूरो के पास पहुँच की और दोष लगाया कि उपरोक्त ए.एस.आई. द्वारा उसके मासूम बेटे स्वतंत्र राय को पुलिस केस में से बाहर निकालने के लिए 50,000 रुपए की माँग की गई थी।शिकायत की तस्दीक करने के बाद विजीलैंस ब्यूरो अमृतसर रेंज की एक टीम ने जाल बिछाया और दोषी को रंगे हाथों पकड़ लिया। उससे दो सरकारी गवाहों की हाजिऱी में रिश्वत के पैसे बरामद किये गए। उन्होंने बताया कि दोनों मुलजिमों के खि़लाफ़ विजीलैंस ब्यूरो के थाना अमृतसर में भ्रष्टाचार रोकथाम एक्ट के अंतर्गत केस दर्ज किया गया है और अगली जांच जारी है।