सीनियर अधिकारियों को श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के अवसर पर राज्य के पर्यावरण की शुद्धता यकीनी बनाने के लिए कहा
चंडीगढ – राज्य में धान की पराली न जलाने सम्बन्धी जारी हिदायतों की यथावत पालना यकीनी बनाने के लिए पंजाब के मुख्य सचिव श्री करन अवतार सिंह द्वारा बुधवार को सम्बन्धित विभागों के सभी अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि इस समस्या के खि़लाफ़ प्रांतीय सरकार द्वारा जारी हिदायतों की सख्ती से पालना की जाये।यहाँ सीनियर अधिकारियों, जो सभी जिलों में कृषि अवशेष जलाने को रोकने के लिए शुरु की मुहिम की निगरानी कर रहे हैं, के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुये मुख्य सचिव ने कहा कि इस रुझान के दुष्प्रभावों संबंधी किसानों को जागरूक किया जाये जिससे साफ़-सुथरे पर्यावरण को यकीनी बनाया जा सके। उन्होंने निर्देश दिया कि बड़े स्तर पर जागरूकता मुहिम के अलावा सभी जिलों में किसानों के साथ संवाद किये जाये और उनको फ़सली अवशेष को आग लगाने के कारण ज़मीन की उपजाऊ शक्ति और मानवीय स्वास्थ्य पर पड़ते बुरे प्रभावों संबंधी जागरूक किया जाये।अतिरिक्त मुख्य सचिव (विकास) श्री विसवाजीत खन्ना ने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा पराली के प्रबंधन के लिए मौजूदा और पिछले सीजन के दौरान किसानों को सब्सिडी पर अपेक्षित कृषि मशीनरी मुहैया करवाई गई है।
मुख्य सचिव श्री करन अवतार सिंह ने अधिकारियों को हिदायत की कि मशीनों के सभ्य और उचित प्रयोग यकीनी बनाया जाये जिससे सरकार की पराली जलाने के खि़लाफ़ मुहिम के सार्थक निष्कर्ष सामने आऐं। उन्होंने कहा कि जो किसान पिछले सालों से पराली नहीं जला रहे हैं, उनको उत्साहित किया जाये और ऐसे किसानों को ब्रैंड अम्बैसडर बना कर अन्य किसानों को भी फ़सली अवशेष जलाए बिना अगली फ़सल बीजने के लिए प्रेरित किया जाये।
पराली न जलाने सम्बन्धी प्रांतीय सरकार की मुहिम में अधिक से अधिक किसानों के सम्मिलन को यकीनी बनाने पर ज़ोर देते हुये मुख्य सचिव ने कहा कि श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के पवित्र अवसर पर इस बुरे रुझान को राज्य में से पूरी तरह ख़त्म किया जाना चाहिए क्योंकि गुरू साहिब ने भी प्राकृतिक नियामतों भूमि, वायु और जल को बचाने का संदेश दिया है।इस मीटिंग में कृषि, ग्रामीण विकास एवं पंचायतें, राजस्व, गृह, सहकारिता और ऊर्जा विभाग के अलावा पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के सीनियर अधिकारी उपस्थित थे।