बाढ़ से क्षतिग्रस्त सडक़ों और बुनियादी ढांचें की मुरम्मत का काम पहल के आधार पर करने के आदेश
चंडीगढ़, 26 अगस्त:पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ पीडि़तों के राहत और पुनर्वास के लिए और कदम उठाने का ऐलान किया है। उन्होंने आगामी रबी सीजन के लिए किसानों को गेहूँ का उच्च मानक बीज मुफ़्त मुहैया करवाने के आदेश दिए।राज्य में बाढ़ों के बाद की कार्य योजना का जायज़ा लेते हुए मुख्यमंत्री ने अतिरिक्त मुख्य सचिव (विकास) को कहा कि बाढ़ों के पानी से फसलें डूबने के कारण बड़ा नुकसान बर्दाश्त करने वाले किसानों को गेहूँ के बीज की समय पर सप्लाई यकीनी बनाई जाये।मुख्यमंत्री ने सहकारिता विभाग को हिदायत की कि बाढ़ प्रभावित किसानों के थोड़ी मियाद वाले कजऱ्ो को माध्यमिक मियाद के कजऱ्े में तबदील किया जाये। उन्होंने सहकारी सभाओं के रजिस्ट्रार को भी हुक्म दिए कि बाढ़ प्रभावित किसानों को फ़सली हद कजऱ्े नये सिरे से दिए जाएँ जिससे यह किसान रबी की फ़सल की पैदावार कर सकें।ग्रामीण सडक़ों और मंडियों के बुनियादी ढांचे को पहुँचे नुकसान का नोटिस लेते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने मंडी बोर्ड को पानी का स्तर घटने के तुरंत बाद मुरम्मत का काम युद्ध स्तर पर शुरु करने के आदेश दिए। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आज फिर पावरकॉम को बाढग़्रस्त गाँवों में बिजली की सप्लाई बहाल करने के काम में तेज़ी लाने के लिए कहा। पावरकॉम के चेयरमैन को हिदायत की कि बिजली सप्लाई बहाल करने के काम को मुकम्मल करने के लिए इंजीनियरों की विशेष टीमें तैनात की जाएँ। बाढ़ों के कारण पैदा होने वाली बीमारियों के अंदेशे के मद्देनजऱ मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव को दस्त, हैज़ा, पीलिया, जैसी बीमारियों के अलावा मलेरिया, चिकनगुनिया, डेंगू आदि जैसे रोगों की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने के लिए कहा। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को मच्छरों के फैलाव को रोकने के लिए बाढ़ प्रभावित इलाकों में फौगिंग करवाने के लिए कहा। मुख्यमंत्री ने खाद्य और सिविल सप्लाईज़ के प्रमुख सचिव को बाढ़ों की लपेट में आए परिवारों को राशन और पीने वाले पानी की उचित सप्लाई यकीनी बनाने के लिए कहा।इसी दौरान मुख्यमंत्री को जानकारी दी गई पशु पालन विभाग द्वारा बाढ़ों की चपेट में आए इलाकों में पुख्ता इंतज़ाम किये गए हैं। राज्य के 9 जिलों के बाढ़ प्रभावित 225 गाँवों में 61,000 गाँवों की देखभाल के लिए 148 विशेष वैटरनरी टीमों को तैनात किया गया है। जालंधर, मोगा, लुधियाना, फिऱोज़पुर, एस.बी.एस. नगर, रोपड़, फाजि़ल्का, तरनतारन और कपूरथला जिलों के गाँवों में बाढ़ों के पानी से घिरे पशुओं की दवाएँ और टीकाकरण के लिए विशेष वैटरनरी टीमें 24 घंटे काम कर रही हैं। पशु पालन विभाग द्वारा जि़ला प्रशासन और समाज सेवी संस्थाओं के सहयोग से बाढ़ प्रभावित गाँवों में लगभग 1800 क्विंटल फीड, 50 ट्रालियाँ भूसा और हरा चारा बाँटा जा चुका है।रिपोर्टों के मुताबिक 125 बड़े पशुओं (गायों /भैंसों और अन्य) और 8000 मुर्गों की मौत हुई है। पशु पालन विभाग ने मरे हुए पशु धन के लिए पशु पालकों को मुआवज़ा देने के लिए 91 लाख रुपए समेत ज़रूरी दवाएँ, चारा और फीड मुहैया करवाने के लिए 22.11 करोड़ की वित्तीय सहायता माँगी है। वैटरनरी टीमों द्वारा पशुओं की देखभाल के अलावा ज़रूरी दवाएँ और टीकाकरण किया जा रहा है।