बिहार के दौरे पर पहुंचे उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने रविवार को पटना हाईस्कूल के शताब्दी समारोह में शिरकत की. समारोह को संबोधित करते उन्होंने कहा कि भारत को अगर एक बार फिर विश्व गुरु बनाना है तो शिक्षा की गुणवत्ता को समय के अनुरूप ढालना होगा.इससे पहले उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने पटना विश्वविद्यालय के सेंट्रल लाइब्रेरी के 100 वर्ष पूरे होने के मौके पर आयोजित समारोह को संबोधित किया. उन्होंने युवाओं से कहा कि चार चीजों मां, जन्मभूमि, मातृ भाषा और मातृ भूमि को कभी नहीं भूलना चाहिए. उपराष्ट्रपति ने पुस्तक और ज्ञानार्जन को आज के डिजिटल युग में भी प्रासंगिक बताते हुए कहा कि आज गूगल का जमाना है, लेकिन इसको चलाने के लिए भी गुरु चाहिए वह गुरु पुस्तकें हैं.उपराष्ट्रपति ने आम लोगों से कहा कि चार-सी के आधार पर ही किसी नेताओं का चयन करने का आग्रह किया. इसमें कैरेक्टर यानि चरित्र, कैलिबर-क्षमता, कंडक्ट-बरताव और कैपेसिटी-योग्यता शामिल हैं. उन्होंने कहा लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आजकल हमारे समाज में अन्य चार-सी कैश, कास्ट, कॉम्यूनलिटी और क्रिमिनलिटी पर अधिक ध्यान दिया जाता है.