बुरी कारगुज़ारी वाले डीएसपी और थानेदार तिमाही समीक्षा के दौरान नौकरी से होंगे बाहर अपराधियों और तस्करों के साथ सांझ रखने वाले कर्मचारी माफ नहीं किये जाएंगे- डीजीपी की चेतावनी
चंडीगढ़ – पंजाब पुलिस के लिए अपनी प्राथमिकताएं लागू करते हुये डीजीपी पंजाब श्री दिनकर गुप्ता ने पुलिस के सीनियर अधिकारियों समेत जि़ला पुलिस मुखियों, पुलिस कमिश्नरों और अन्य क्षेत्रीय अधिकारियों को कहा है कि आतंकवाद जैसे अपराधों और नशों के खि़लाफ़ मुहिम पंजाब पुलिस का मुख्य एजेंडा है और इस काम में ढील बरतने वाले अधिकारियों को बक्शा नहीं जायेगा। इस राज्य स्तरीय मीटिंग में एडीजीपी एसटीएफ और एसटीऐफ के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।आज यहाँ पंजाब पुलिस की मीटिंग के दौरान डीजीपी ने क्षेत्रीय अधिकारियों को कहा कि राज्य में से नशों के ख़ात्मे के लिए वह एसटीएफ के साथ एक टीम के तौर पर मिलकर काम करें। उन्होंने जि़ला पुलिस मुखियों को इस मुहिम के खि़लाफ़ कार्यवाही करने के लिए रणनीतिक योजना के अनुसार काम करने के लिए कहा। उन्होंने अफसरों को कहा कि वह एनडीपीएस कानून के अंतर्गत तस्करों, छोटे नशा विक्रेताओं और भगौड़े अपराधियों को गिरफ्तार करके बेहतर जाँच करके उनसे नशों की बरामदगी करें। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को अदालतों में चलते मुकदमों की उपयुक्त पैरवी करने और अपराधियों द्वारा तकनीकी ख़ामियाँ का आसरा लेकर ज़मानत करवाने के विरुद्ध ध्यान देने के लिए कहा। इसके इलावा उन्होंने नशा तस्करों के पकड़े जाने पर उनकी कठोर जांच करने के लिए भी कहा जिससे उसके सप्लायर और उससे खरीदने वालों की तह तक जाया जा सके।एनडीपीएस मामलों में जांच की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए डीजीपी पंजाब ने डायरैक्टर पंजाब ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (बीओआई) को अगले दो महीनों में समूह सब-डिविजऩल डीएसपीज़ और एसएचओज़ के लिए एक दिन की वर्कशाप का आयोजन करने के लिए कहा। उन्होंने डायरैक्टर बी.ओ.आई. को एन.आई.ए. और सी.बी.आई. के सहयोग से डिजिटल सबूतों की रिकार्डिंग सम्बन्धी जांच अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कोर्सों का आयोजन करने के लिए भी कहा।डीजीपी ने पुलिस कमिश्नरों और एस.एस.पीज़ को शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में चर्चित प्रमुख स्थानों पर नशा तस्करों के खि़लाफ़ मुहिम चलाने के निर्देश भी दिए हैं। दिनकर गुप्ता ने कहा कि सभी जि़ला पुलिस मुखियों को प्रभावशाली छापेमारी करने के लिए जि़ला फ्लाइंग स्कुऐड का गठन करना चाहिए जिससे बदनाम अपराधियों और नशा सप्लाई करने वालों को काबू किया जा सके। उन्होंने आईजी /डीआईजी रेंज को हर महीने के आखिऱी शुक्रवार को ‘नशों के विरुद्ध मुहिम ’ की मासिक समीक्षा करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि एसटीएफ अधिकारियों को इन समीक्षा मीटिंगों में बुलाया जाये।मीटिंग के दौरान ए.डी.जी.पी. एस.टी.एफ. हरप्रीत सिंह सिद्धू ने समूह सीनियर फील्ड अधिकारियों को कहा कि वह अपने अधिकार क्षेत्र में नशों की सप्लाई पर काबू पाएं और सप्लाई की कड़ी को तोडऩे के लिए एसएचओज़ को जि़म्मेदार ठहराते हुये नशा तस्करों /सप्लायरों के खि़लाफ़ सख्त कार्यवाही करें। उन्होंने अधिकारियों को मोहल्ला स्तर पर नशों की रोकथाम के लिए ध्यान केन्द्रित करने के लिए कहा और हरेक ‘जैल (गाँवों के समूह) स्तर के पुलिस अधिकारियों की तैनाती का सुझाव भी दिया जो गाँव स्तर पर जांच /पूछताछ के लिए क्षेत्र में काम कर रहे डी.ए.पी.ओज़ के संपर्क में होने चाहिएं।मीटिंग के दौरान उन्होंने राज्य के विभिन्न जिलों में चल रहे मानवीय शक्ति ऑडिट और ‘पुलिस थानों की तरफ वापसी मुहिम’ की प्रगति का भी जायज़ा लिया गया। डीजीपी पंजाब ने जिलों में जि़ला स्तरीय विशेष टीमों के गठन की स्थिति का जायज़ा लिया, जैसे कि जि़ला सोशल मीडिया टीम (डीएसएमटी), जि़ला साईबर टीम (डीसीटी), जि़ला जांच टीम (डीआईटी), सैक्स शोषण प्रतिक्रिया टीम आदि। डीजीपी ने कहा कि हर बुद्धवार को हर जिले में साप्ताहिक अपराध समीक्षा मीटिंगें होनी चाहीऐ। उन्होंने राज्य में जुर्मों की स्थिति का जायज़ा लेते हुये क्षेत्रीय अधिकारियों को कहा कि वह राज्य में अनसुलझे कत्ल समेत वाहन छीनने और सडक़ी अपराध रोकने के लिए भी कहा।इस मीटिंग में अन्यों के अलावा विशेष डी.जी.पी. एंड डायरैक्टर बी.ओ.आई. प्रबोध कुमार, ए.डी.जी.पी. ट्रैफिक़ शरद सत्या चौहान, ए.डी.जी.पी. प्रशासन गौरव यादव, ए.डी.जी.पी. कानून और व्यवस्था ईश्वर सिंह, ए.डी.जी.पी. आई.टी.एंड टी कुलदीप सिंह, आई.जी. सुरक्षा एस.के. सिंह, सी.पी. अमृतसर एस.एस. श्रीवास्तव, सी.पी. लुधियाना सुखचैन सिंह गिल और सभी रेंजों के आई.जीज़ और राज्य के एस.एस.पीज़ उपस्थित थे।