सडक दुर्घटनाओं में कमी और परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार को रोकने से जुडा मोटर यान (संशोधन) विधेयक लोकसभा से पारित हो गया। वहीं श्रम सुधारों से जुड़े दो अहम विधेयक भी लोकसभा में पेश कर दिए गए, जिससे करीब 40 करोड़ श्रमिकों की हालत में हो सकेगा सुधार।राज्यसभा से आज वित्त विधेयक को मंजूरी मिलने के साथ ही एक तरह से वित्तीय कामकाज पूरा हो गया है तो लोकसभा से भी मोटरयान संशोधन विधेयक को मंजूरी मिली है। राज्यसभा में आज पॉक्सो संशोधन विधेयक पर भी चर्चा की शुरुआत हुई।संसद में जमकर कामकाज हो रहा है। ऐसे में सरकार संसद का सत्र कुछ और दिनों के लिए बढ़ाने पर विचार कर रही है।सड़क दुर्घटनाओं में होनेवाली मौतों को रोकने और सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के मकसद वाले एक अहम विधेयक मोटर यान संशोधन बिल को लोकसभा ने अपनी मंजूरी दे दी है। देश में हर साल होनेवाली पांच लाख दुर्घटनाओं में करीब डेढ़ लाख लोगों की मौत होती है। । सरकार कानून में सुधार के जरिए ना सिर्फ ऐसी मौतों को रोकना चाहती है बल्कि इसके जरिए विशेष तौर पर ट्रांसपोर्ट सिस्टम में भ्रष्टाचार पर लगाम लग सकेगी । बिल पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि बिल के चलते राज्यों के अधिकारों में किसी तरह का हनन नहीं होगा।
मोटर यान संशोधन विधेयक के मुताबिकः
ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के लिए जुर्माने को बढ़ाने के साथ सजा का भी प्रस्ताव
नाबालिग के गाड़ी चलाने पर अभिभावक माने जाएंगे दोषी
सड़क हादसे में मारे गए लोगों को मिलने वाले मुआवजे में भी बढ़ोतरी
लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया मजबूत बनाई जाएगी
इसके साथ ही सरकार ने मंगलवार को श्रम सुधारों से जुड़े दो अहम विधेयक भी लोकसभा में पेश किए। इसके जरिए देश के करीब 40 करोड़ श्रमिकों की कार्यस्थिति, वेतन, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य व्यवस्थाओं में गुणात्मक सुधार लाया जा सकेगा।संसद के दोनों सदनों में जम कर काम हो रहा है, ऐसे में सरकार सत्र को कुछ और दिनों के लिए आगे बढ़ाने पर विचार कर रही है। राज्यसभा में मंगलवार को वित्त विधेयक पर चर्चा हुई।बीते करीब एक महीने से चल रहे संसद के सत्र में खूब कामकाज हो रहा है। संसद की उत्पादकता 130 पीसदी तक पहुंच गई है, जो पिछले दो दशकों का एक रिकॉर्ड है।