करतारपुर गलियारे पर भारत और पाकिस्तान के बीच आज अहम बैठक हुई. आठ सदस्यीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव एससीएल दास ने किया. उनके साथ विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, पंजाब सरकार और राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के अधिकारी भी शामिल थे. बैठक में श्रद्धालुओं को सहूलियत देने के मुद्दे पर चर्चा हुई. बैठक में तीन दौर हुई तकनीकी वार्ता में ‘‘जीरो प्वाइंट’’ पर संपर्क और यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की गई. भारत ने सुरक्षा को लेकर भी अपनी चिंताएं जाहिर की. भारत ने पाकिस्तान से संचालित कई संगठनों और व्यक्तियों के संबंध में दस्तावेज़ भी सौंपे जो सुरक्षा के लिहाज से ज़रूरी हैं.
इसके साथ ही भारत ने क्रीक (जल धारा) के ऊपर पाकिस्तान के हिस्से में मिट्टी का तटबंध नहीं बनाने का अनुरोध किया है. दरअसल पाकिस्तान की तरफ बनने वाला मिट्टी का तटबंध भारतीय इलाके में बाढ़ के खतरे को बढ़ा देता है. इसकी वजह से जीरो प्वाइंट पर बनने वाले पुल पर ख़तरा पैदा होने की संभावना है. भारत ने पाकिस्तान से अपनी ओर इसी तरह का एक पुल बनाने का अनुरोध किया है, जो श्रद्धालुओं को सुरक्षित आवाजाही मुहैया करेगा तथा बाढ़ से जुड़ी चिंताओं का हल करेगा.भारत ने श्रद्धालुओं को ज़्यादा से ज़्यादा संख्या में करतारपुर के दर्शन करने के लिए पाकिस्तान से अनुरोध किया है. सैद्धांतिक रूप से 5 हज़ार और विशेष अवसर पर 10 हज़ार श्रद्धालुओं को अनुमति देने की बात भारत ने कही है. श्रद्धालुओं में भारतीय नागरिकों के अलावा पीआईओ कार्ड धारक ओसीआई कार्ड धारकों को भी अनुमति देने का भारत ने अनुरोध किया है.भारत ने सुरक्षा पहलुओं से जुड़ी अपनी चिंताओं को भी उठाया. इसमें करतारपुर गलियारे और इससे जुड़े तकनीकी मुद्दों पर चर्चा हुई. भारत में डेरा बाबा नानक के यात्री टर्मिनल परिसर स्थल का काम ज़ोर-शोर से चल रहा है. ये काम 2019 में गुरुनानक देव की 550 वीं जयंती से पहले 31 अक्टूबर तक पूरा करने की योजना है. यह करीब 15 एकड़ में बन रहा है. यह गलियारा सिख श्रद्धालुओं को गुरदासपुर जिला स्थित डेरा बाबा नानक साहिब से पाकिस्तान के करतारपुर स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब तक जाने को सुगम बनाएगा.