भारत सरकार को उनकी तरफ से उठाई गई अन्य मांगों की पूर्ति के लिए पाकिस्तान पर ज़ोर डालने के लिए कहा
चंडीगढ – पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने उनकी तरफ से की गई मांग के मुताबिक ऐतिहासिक करतारपुर गलियारे के द्वारा जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग परमिट सिस्टम की ज़रूरत को हटाने के लिए पाकिस्तान द्वारा किये गये फ़ैसले का स्वागत किया है। इसके साथ ही उन्होंने के पासपोर्ट की शर्त भी हटाने की अपील की जिससे राज्य के ग्रामीण इलाकों से भी श्रद्धालुओं को दर्शन करने की सुविधा हासिल हो सके।यहाँ से जारी एक बयान में मुख्यमंत्री ने उम्मीद ज़ाहिर की कि उनकी तरफ से पिछले कुछ महीनों से जा रही अन्य माँगों को भी मंजूर करवाने के लिए भारत सरकार द्वारा पाकिस्तान पर ज़ोर डाला जायेगा। इनमें श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के अवसर पर संगत के लिए ‘खुले दर्शन दीदारे’ करने के लिए पाकिस्तान द्वारा श्रद्धालुओं की रोज़मर्रा की गिनती बढ़ाने की मांग भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा यह माँग इसलिए अहम है जिससे नवंबर महीने में गुरू साहिब जी के प्रकाश पर्व के महत्वपूर्ण दिनों के अवसर पर श्रद्धालुओं के बिना किसी दिक्कत से आने-जाने को यकीनी बनाया जा सके।कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि बेशक अपने मूल प्रस्ताव के मुताबिक 500 श्रद्धालुओं को जाने की इजाज़त देने की जगह पाकिस्तान ने अब एक दिन में 5000 श्रद्धालुओं के जाने को सहमति दे दी है परन्तु दुनिया भर से दर्शनों के लिए आने वाले सिखों और अन्य श्रद्धालुओं की बड़ी माँग की आशा के मद्देनजऱ कम-से-कम विशेष मौकों पर श्रद्धालुओं के जाने की गिनती बढ़ाने की ज़रूरत है।मुख्यमंत्री ने पाकिस्तान की तरफ से ओ.सी.आई. और पी.आई.ओ. कार्ड होल्डरों को इजाज़त देने के फ़ैसले की भी सराहना की और इस संबंधी उन्होंने पहले भारत सरकार से अपील की थी। यह बताने योग्य है कि इनके एम.ओ.यू. में पाकिस्तान ने सिफऱ् भारतीय यात्रियों को इजाज़त देने का सुझाव दिया था। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने हफ़्ते के सातो दिन श्रद्धालुओं को जाने के लिए उनकी तरफ से अपील के प्रति पाकिस्तान को सहमत करने के लिए किये गये यत्नों के लिए भारत सरकार का धन्यवाद किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ऐतिहासिक गलियारा तब तक अपना उद्देश्य पूरा नहीं कर सकेगा जब तक गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब के दर्शनों की सुविधा देने के लिए उनकी तरफ से उठाए गये विभिन्न मुद्दों के प्रति पाकिस्तान और नरम रवैया अपनाने पर सहमत नहीं होता। मुख्यमंत्री ने पाकिस्तान की तरफ से रावी दरिया पर पुल का निर्माण करने के लिए भारत की माँग पर सहमति प्रकट करने की सराहना करते हुये इसको प्रगतिशील कदम बताया परन्तु साथ ही उन्होंने भारत सरकार से अपील की कि उनकी तरफ से रखी गई अन्य माँगों पर सहमति बनाने के लिए पाकिस्तान के साथ नज़दीक का तालमेल और संपर्क बनाया जाये।