असम में बाढ़ की स्थिति और गम्भीर हुई गृह मंत्री अमित शाह ने स्थिति से निपटने के लिए केंद्र की हर संभव मदद का आश्वासन दिया, राहत और बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ की टीमें तैनात की गई, भारी बारिश से बिहार और पड़ोसी देश नेपाल के कई हिस्सों में आम जनजीवन अस्त-व्यस्त ।असम में बाढ़ की स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है, जबकि कुछ नए क्षेत्रों में भी बाढ़ के हालात बन गए है। 21 जिलों में आई हाल की बाढ़ के कारण करीब 9 लाख लोग प्रभावित हुए है। लगातार हो रही वर्षा के कारण कई नदियां उफान पर है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रो में बचाव कार्य के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और राज्य आपदा मोचन बल लगातार काम में लगे है। राज्य में अभी 68 राहत कैम्प लगाए गए है जिनमें 7 हजार से अधिक लोग शरण लिये हुए है। प्रभावित लोगों को खाने का सामान और अन्य आवश्यक सामग्री वितरित किया जा रहा है। बाढ़ और भूस्खलन के कारण राज्य में छह लोगों की मौत भी हो गई है। दीमा हसाओ जिले में भूस्खलन के कारण लुम्डिंग और सिलचर के बीच रेल सम्पर्क टूट गया है जिसे बहाल करने का प्रयास जारी है। देश के कई पूर्वोत्तर राज्यों में इन दिनों भारी बारिश और बाढ़ का कहर जारी है। असम के साथ ही मिजोरम में भी भारी बारिश के बाद बाढ का कहर है। इसकी वजह से आम जनजीवन पर असर पडा है। सबसे ज्यादा बुरे हालात असम में हैं जहाँ के 33 में से 17 जिलों के करीब 700 गाँवों में भयंकर बाढ़ आई है। इलाके के लोग अपने घरों से बेघर हो गए हैं। असम के इन 17 जिलों के अब तक 4 लाख से भी ज्यादा लोग विस्थापित हो चुके हैं।राज्य में ब्रह्मपुत्र नदी उफान पर है जिसकी वजह से 16 हजार हेक्टेयर फसल जलमग्न हो चुकी है। इसके साथ ही ब्रह्मपुत्र से जारी कटाव की वजह से 19 गांवों पर खतरे के बादल छाए हुए हैं। इतना ही नहीं विकराल रूप ले चुकी बाढ़ से 64 से अधिक सड़कें और दर्जन भर पुल बानी में बह गए हैं। चिरांग जिले में चंपामती नदी भी खतरे के स्तर से उपर बहने लगी जिससे 2-3 गांवों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। यहाँ के अमीनपारा के ग्रामीण इलाकों बाढ़ के पानी में फंसे लोगों को सेना के एक दल ने निकाला । हालांकि राज्य़ के गोलाघाट में बाढ से दो लोगों की मौत हो गयी। उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश से कई जिलों में सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बारिश के कारण कई जिलों में स्कूल रविवार तक बंद कर दिये गये हैं। कई नदियां उफान पर हैं और खतरे के निशान के पास पहुंच गई हैं। मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले 24 घंटों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका व्यक्त की है। वहीं उत्तराखंड में भी भारी बारिश हो रही है जिसकी वजह से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।