आवास निर्माण और शहरी विकास विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ की पहली बैठक
चंडीगढ़ – श्री सुखबिंदर सिंह सरकारिया ने आवास निर्माण और शहरी विकास विभाग के अधिकारियों से अथक मेहनत से काम करने का विनती की है जिससे राज्य में विकास के नए युग की शुरुआत की जा सके। मंत्री ने ये बातें विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ पहली बैठक की अध्यक्षता करते हुये चल रहे विकास कार्यों और अन्य मुद्दों का जायजा लेते हुए की। यह बैठक पुड्डा भवन में आयोजित की गई।बैठक में विभाग के कंट्री एंड टाऊन प्लानिंग विंग के अधिकारियों ने बताया कि वे राज्य के विभिन्न शहरों के लिए मास्टर प्लान तैयार करने की दिशा में काम कर रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि अब तक 100 शहरों को कवर करते 43 मास्टर प्लान तैयार किए जा चुके हैं और इनमें से 25 मास्टर प्लानों को राजस्व और जीआईएस आधारित बनाया गया है जिससे जमीन के मालिकों को उनकी जमीन का उपयोग करने में सुविधा प्रदान की जा सके। बैठक के दौरान मंत्री जी को सीटीपी विंग द्वारा चेंज ऑफ़ लैंड यूज़ जारी करने की प्रक्रिया, लेआउट प्लानों और बिल्डिंग प्लानों की मंजूरी संबंधी अवगत करवाया गया।बैठक में गमाडा के अधिकार क्षेत्र में आने वाले क्षेत्र में विकास कार्यों की प्रगति पर चर्चा की गई जिससे कजोली वाटर वक्र्स प्रोजेक्ट का मुद्दा भी शामिल था। श्री सरकारिया ने संबंधित इंजीनियरिंग अधिकारियों को प्रोजैक्ट को पहल के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिये जिससे मोहाली के निवासियों को जल्द से जल्द पानी की सप्लाई मिल सके। गलाडा के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर ने हलवारा में भावी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे की स्थिति संबंधी अवगत करवाया। अमृतसर विकास अथॉरिटी के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर ने अर्बन हाट प्रोजैक्ट संबंधी जानकारी दी जिसे पीपीपी आधार पर टूरिस्ट एंड फूड जंक्शन के तौर पर विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा डिवेल्पमैंट अथॉरिटियों के चीफ एडमिनिस्ट्रेटरों ने निकट भविष्य में विकसित किये जाने वाले प्रोजैक्टों संबंधी जानकारी साझा करने के अलावा राज्य भर के विभिन्न शहरी अस्टेटों में विकास संबंधी जानकारी दी।अतिरिक्त मुख्य सचिव, विन्नी महाजन ने आवास निर्माण और शहरी विकास मंत्री को पिछले दो वर्षों में जन कल्याण के उद्देश्य से विभाग द्वारा अपनाए गए विभिन्न कदमों जैसे कि विभिन्न अर्बन अस्टेटों में 24&7 जल सप्लाई देना, अवैध कॉलोनियों पर नियंत्रण के लिए यूसीआईसी ऐप लॉन्च करना, ऑनलाइन सीएलयू जारी करने की सुविधा आदि संबंधी जानकारी दी। इसके अलावा उन्होंने विभिन्न मुद्दों संबंधी भी मंत्री जी को अवगत करवाया जोकि विकास में रोड़ा अटका रहे थे, जिस पर बाद में मंत्री जी ने आश्वासन दिया कि वह कैबिनेट के अपने सहयोगियों के साथ मिलकर इसका समाधान करेंगे।अधिकारियों द्वारा किये जा रहे यत्नों की सराहना करते हुये श्री सरकारिया ने उनको यह यकीनी बनाने के लिए कहा कि भविष्य में कोई भी अवैध कालोनी विकसित न हो और राज्य में प्रथम दर्जे केशहरी विकास के लिए काम करने के लिए कहा।मीटिंग में अन्यों के अलावा श्री धर्मपाल गुप्ता, चीफ एडमिनिस्टे्रटर, पुड्डा, कविता सिंह, डायरैक्टर, शहरी योजनाबंदी और चीफ एडमिनिस्टे्रटर, गमाडा, श्री परमिन्दर सिंह गिल, चीफ एडमिनिस्टे्रटर गलाडा, श्री अकाश गोयल, ए.सी.ए. (एफ एंड ए), सुरभी मलिक, चीफ एडमिनिस्टे्रटर, पटियाला विकास अथॉरिटी, श्री जितेंद्र जोरवाल, चीफ एडमिनिस्टे्रटर, जालंधर विकास अथॉरटी, कोमल मित्तल, चीफ एडमिनिस्टे्रटर, अमृतसर विकास अथॉरटी, डा. ऋषि पाल, चीफ एडमिनिस्टे्रटर, बठिंडा विकास अथॉरटी, श्री राजेश धीमान, ए.सी.ए. गमाडा, लवजीत कलसी, ए.सी.ए. (मुख्यालय), पुड्डा, श्री गुरप्रीत सिंह, सी.टी.पी., पंजाब, श्री राजीव मौडगिल, इंजीनियर-इन-चीफ, पुड्डा और श्री सुनील कांसल, मुख्य इंजीनियर, गमाडा उपस्थित थे।