जम्मू कश्मीर में राष्ट्रपति शासन 6 महीने और बढ़ाने को लोकसभा ने मंजूरी दे दी। साथ ही अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर बसे गांवों को 3% आरक्षण देने से जुड़ा विधेयक भी पास हो गया। गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कश्मीर में लोकतंत्र बहाली सरकार की ”सर्वोच्च प्राथमिकता” है।जम्मू कश्मीर से जुड़े दो अहम फैसलों को लोकसभा से मंजूरी मिली। जम्मू कश्मीर में राष्ट्रपति शासन की अवधि को छह महीने बढ़ाने का प्रस्ताव पास हुआ। सदस्यों ने जम्मू-कश्मीर में जल्द चुनाव कराने की मांग की। एक ओर जहां जम्मू कश्मीर में राष्ट्रपति शासन की अवधि को छह महीने बढ़ाने का प्रस्ताव पास हुआ तो वहीं दूसरी ओर जम्मू कश्मीर आरक्षण संशोधन विधेयक भी चर्चा के बाद पारित किया गया ।गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को लोकसभा में प्रस्ताव पेश किया जिसके तहत जम्मू-कश्मीर आरक्षण अधिनियम 2004 में संशोधन कर कुछ और क्षेत्र को जोड़ने का प्रावधान शामिल है । इसके तहत अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर बसे गांवों को भी 3% आरक्षण की व्यवस्था होगी। इससे कठुआ के 70 गांव, सांबा के 133 गांव और जम्मू के 232 गाँवों के 3,50,000 लोगों को फायदा होगा ।दूसरी तरफ जम्मू कश्मीर में राष्ट्रपति शासन की अवधि 2 जुलाई 2019 से 6 माह बढ़ायी जा रही है। दोनो ही प्रस्तावों को चर्चा के बाद ध्वनिमत से पास कर दिया गया। चर्चा का जवाब देते गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष को जोरदार जवाब दिया। शाह ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित नेहरू की गलती के कारण आज कश्मीर की समस्या से दो-चार होना पड़ रहा है।राष्ट्रपति शासन का विरोध करने पर गृह मंत्री ने कहा कि चुनाव आयोग जब भी फैसला करेगा तब जम्मू-कश्मीर में लोकतांत्रिक ढंग से स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव होंगे। हालांकि चर्चा के दौरान सदस्यों ने जल्द से जल्द कराने की मांग की और कहा कि सरकार आतंकवाद और आतंकवादियों के खिलाफ सख्ती दिखाए, तो साथ ही राज्य के लोगों को भी साथ ले।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कश्मीर में आतंकवाद पाक प्रायोजित आतंकवाद है और उससे लड़ने का उनकी सरकार का तौर तरीका पहले की सरकारों के मुकाबले अलग है। सदन में गृह मंत्री ने एयर और सर्जिकल स्ट्राइक का भी जिक्र किया और कहा कि ऐसा करके भारत ने अपनी आत्मरक्षा के अधिकार का सुबूत दिया है जिसमें कोई नागरिक नहीं बल्कि सभी आतंकवादी मारे गए। इससे पहले केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने वायु प्रदुषण पर पूछे गये सवाल का लोकसभा में जवाब देते हुए कहा कि सरकार वायु प्रदुषण की समस्या को लेकर सख्त है। उन्होंने कहा कि इसकी रोकथाम के लिये 5 एक्शन प्लान बनाये गये हैं।अब बात करते हैं राज्यसभा की केंद्र सरकार देश में जरूरत के हिसाब से गोदाम और अनाज भंडार निर्माण के लिए कई योजनाएं लागू कर रही है, जिसमें निजी उद्यम गारंटी, केंद्रीय सेक्टर योजना और स्टील के अनाज भंडारों का निर्माण शामिल है। शुक्रवार को राज्यसभा में खादय और उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने कहा कि केंद्रीय पूल भंडारण में लिए 8 सौ 62 लाख टन से अधिक की क्षमता उपलब्ध है और भारतीय खाद्य निगम के पास 2 हजार 68 गोदाम हैं।