पंजाब

पंजाब में से नशों के मुकम्मल सफाए के लिए एन.सी.बी. और पंजाब सरकार सांझी कार्यवाही और सूचना सांझी करेंगे

एन.सी.बी. के प्रमुख और पंजाब के मुख्यमंत्री द्वारा नशों के विरुद्ध लड़ाई को मज़बूत बनाने के ढंगों संबंधी विचार-विमर्श
चंडीगढ़ – राज्य में नशों की समस्या के साथ प्रभावी ढंग से निपटने के लिए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एन.सी.बी.) और पंजाब सरकार ने सांझी कार्यवाही चलाने और स्रोतों का एकीकरण करके नशों संबंधी सूचना सांझी करने का फ़ैसला किया है।यह फ़ैसला एन.सी.बी. के डायरैक्टर जनरल अभय और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के बीच हुई मीटिंग के दौरान लिया गया। श्री अभय आज चण्डीगढ़ में पंजाब के मुख्यमंत्री को मिले और दोनों ने नशों के मुद्दे पर चिंताएं और रणनीतियां सांझी की।
एन.सी.बी. के प्रमुख ने एन.डी.पी.एस. के तहत मामलों की पड़ताल को प्रभावी ढंग से चलाने के लिए पंजाब पुलिस के प्रशिक्षण और सामथ्र्य निर्माण के लिए एजेंसी द्वारा पूरा समर्थन देने की पेशकश की। उन्होंने नशों के मामलों में सजा दिलाने की उच्चतम दर प्राप्त करने के लिए मुकदमों की पैरवी करने वालों, पुलिस और जूडीशियल अधिकारियों के सांझे प्रशिक्षण संबंधी विचार- विमर्श किया।राज्य में नशों की विरासती समस्या से निपटने के लिए पंजाब सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की प्रशंसा करते हुए श्री अभय ने कहा कि राज्य की नशों के विरुद्ध जंग की किसी और के साथ तुलना नहीं की जा सकती। डी.जी. ने कहा कि किसी अन्य राज्य ने नशों के विरुद्ध युद्ध स्तर पर इस तरह की मुहिम नहीं चलाई जो कि पिछले एक दशक के दौरान पंजाब में बुरी तरह जड़ों में घुस गए हैं। बार-बार अपराध करने वालों की नजऱबंदी की रोकथाम पर सख्त और असरदार प्रस्ताव तैयार करने के तौर-तरीकों संबंधी दोनों ने विचार-विमर्श किया। यह विचार नशों संबंधी सलाहकारी ग्रुप की आज दिन में हुई मीटिंग के दौरान भी मुख्यमंत्री ने पेश किया था। यह विचार उन्होंने एस.एस.पीज़. और डिप्टी कमिशनरों के साथ वीडियो कॉन्फ्ऱेंस के बाद पेश किया था। उन्होंने नशों के तस्करों की जायदाद ज़ब्त करने संबंधी मज़बूत केस तैयार करने के लिए उठाए जाने वाले कदमों संबंधी भी विचार-विमर्श किया।
श्री अभय ने सुझाव दिया कि नशों की समस्या से निपटने के लिए पंजाब सरकार द्वारा स्थापित की एस.टी.एफ. और सी.पीज़/एस.एस.पीज़ सिफऱ् कानूनों को लागू करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए जबकि नशा मुक्ति, पुनर्वास और जागरूकता पैदा करने का काम सिविल प्रशासन के हवाले होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुनर्वास और रोकथाम नीतियों में तालमेल करने के लिए स्वास्थ्य विभाग नोडल डिपार्टमैंट के तौर पर उपयुक्त रहेगा और इसको डिप्टी कमिशनरों के साथ अपने-अपने जि़लों में कोशिशों का प्रसार करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार पंजाब में नशों के मुकम्मल ख़ात्मे के लिए पूरी तरह दृढ़ है। उन्होंने दौरे पर आए डी.जी.पी. को बताया कि यह मुहिम मिशन के रूप में आगे बढ़ाई जायेगी।मीटिंग में ऐडीशनल मुख्य सचिव गृह एन.एस. कलसी, डी.जी.पी. दिनकर गुप्ता, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव तेजवीर सिंह और एन.सी.बी. के डिप्टी डायरैक्टर जनरल एस.के. झा भी उपस्थित थे।

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