पंजाब

कैप्टन अमरिन्दर सिंह द्वारा खालिस्तानी लहर को लगातार समर्थन देने के लिए कैनेडा की आलोचना

भारत विरोधी कार्यवाहियों पर रोक लगाने के लिए टोरोंटो पर विश्वव्यापी दबाव डालने के लिए भारत सरकार से अपील
चण्डीगढ़ – पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने खालिस्तानी लहर को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष समर्थन देने के लिए कैनेडा सरकार की तीखी आलोचना की और उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कैनेडा अपनी धरती से चलाई जा रही भारत विरोधी सरगर्मियों को रोकने में असफल रहा तो यह लंबे समय में उसकी अपनी सुरक्षा और हितों के लिए भी नुकसानदेय होगा। 1985 के कनिष्क बम धमाके सम्बन्धी जोहन मेजर कमीशन की जाँच पर टिप्पणी करते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि कैनेडा अपनी धरती से खालिस्तानी सरगर्मियों के विरुद्ध कार्यवाही करने में असफल रहा और इसने साजिशकर्ता को ‘सामुहिक हत्याओं’ की आज्ञा दी। इस संबंध में कैनेडा सरकार पूरी तरह बेनकाब हो गई है। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि कैनेडा भारत के विरोध के बावजूद खालिस्तानियों को समर्थन देता है। आयोग ने अपनी रिपोर्ट में खोजी, खुफिय़ा और मुकदमा चलाने वाली एजेंसियों संबंधी सिलसिलेवार कहा कि बम धमाके से काफ़ी पहले मुख्य साजि़शकर्ताओं को निगरानी अधीन रखे जाएं, उनकी बातचीत रिकॉर्ड करने के बावजूद उनके द्वारा विस्फोटक प्राप्त करने और विस्फोट का तजुर्बा करने और उनकी तरफ से विशेष उड़ान में बम रखने की मंशा सम्बन्धी बार-बार चेतावनियों के बावजूद कैनेडा की एजेंसियाँ हर पड़ाव पर कार्यवाही करने में असफल रहीं। ऐसे पैमाने पर इसको सिफऱ् एक गलती नहीं समझा जा सकता, बल्कि यह अगर गठजोड़ नहीं है तो यह जान बूझकर की गई लापरवाही का दाग़ ज़रूर प्रतीत होता है। मुख्यमंत्री ने कैनेडा की सरकार के साथ खुद यह मुद्दा उठाए जाने का जि़क्र करते हुए कहा कि कैनेडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के पिछले साल के भारत दौरे के दौरान उनको वांछित आतंकवादियों की सूची दी गई थी परन्तु उनकी सरकार का समर्थन कमज़ोर रहा जिससे उनकी मंशा पूरी तरह बेनकाब हो गई। मुख्यमंत्री ने कैनेडियन सिक्योरिटी इंटेलिजेंस सर्विस (सी.एस.आई.एस) द्वारा जारी की 2018 की पब्लिक रिपोर्ट का जि़क्र किया और उन्होंने इसके तथ्यों पर चिंता प्रकट की कि कैनेडा में भारत विरोधी सरगर्मियाँ बढ़ी हैं। इस रिपोर्ट में यह भी जि़क्र किया गया है कि यह सरगर्मियाँ भारत देश के लिए ही चुनौती नहीं हैं बल्कि कैनेडा की सुरक्षा के लिए भी चुनौती हैं। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि हिंसा या आतंकवाद को किसी भी तरह का समर्थन वास्तव में समूचे विश्व भाईचारे के लिए विनाशकारी होगा और यह आतंकवाद का समर्थन करने वालों के लिए भी उतना ही हानिकारक होगा। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार से अपील की कि वह इन रिपोर्टों को गंभीरता से लें और कैनेडा पर विश्व व्यापक दबाव बनाएं ताकि वह अपनी धरती को भारत के विरुद्ध आतंकवादी सरगर्मियों के लिए प्रयोग न करने दें। उन्होंने इस सम्बन्ध में खालिस्तानी आतंकवादियों द्वारा निशाना बनाए जा रहे सिख भाईचारे का ख़ास जि़क्र किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत कैनेडा के प्रति बहुत ज़्यादा नरम है और इसके द्वारा उसके विरुद्ध सख्त कदम उठाए जाने की ज़रूरत है। पैदा हो रही चुनौतियों के ख़ात्मे के लिए ज़रूरत पडऩे पर कैनेडा के विरुद्ध यू.एन. की पाबंदियों की भी माँग की जानी चाहिए। भारत के विरुद्ध सिख भाईचारे के कुछ वर्गों और नौजवानों को प्रभावित करने के लिए सोशल मीडिया के द्वारा फैलायी जा रही गलत जानकारी पर भी उन्होंने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के दुरूपयोग को रोकने और इस पर नियंत्रण के लिए भारत सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिए।

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