जीवन शैली

कार्ड बदले जाएंगे लाभार्थी नहीं: आशु

राज्य सरकार ने स्मार्ट राशन कार्ड स्कीम का दायरा बढ़ाया

चंडीगढ़ – खाद्य एवं सिविल सप्लाई विभाग द्वारा नीले कार्डों को रद्द करने सम्बन्धी आईं मीडिया रिपोर्टों के कारण लोगों के मन में बैठे डर को दूर करते हुए फूड सप्लाई मंत्री पंजाब, श्री भारत भूषण आशु ने जानकारी देते हुए बताया कि केवल कार्ड रद्द किये गए हैं लाभार्थी नहीं। उन्होंने कहा कि खाद्य वितरण प्रक्रिया के कम्प्यूट्रीकरन और आटोमेशन होने के कारण सभी मौजूदा (पुराने) कार्ड रद्द करके उनकी जगह पर योग्य लाभार्थीयों को नये स्मार्ट कार्ड जारी किए जाएंगे।श्री आशु ने बताया कि खाद्य वितरण प्रक्रिया साल में दो बार (छह महीनो में एक बार) मार्च महीने और सितम्बर के महीने के दौरान की जाती है। इस साल मार्च महीने की वितरण प्रक्रिया पुराने कार्डों के आधार पर की जा रही है जबकि सितंबर में होने वाली खाद्य वितरण प्रक्रिया नये जारी किये स्मार्ट राशन कार्डोंं के आधार पर की जायेगी। उन्होंने बताया कि इन नये कार्डों में चिप लगी हुई है और लाभार्थीयों की पहचान सम्बन्धी अपेक्षित जानकारी इस चिप में सुरक्षित रूप में दर्ज रहेगी। इस तरह स्मार्ट राशन कार्ड धारक लाभार्थीयोंं को डिपो से अपने हिस्से का राशन प्राप्त करने के लिए किसी आधार कार्ड आदि सबूत की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। इस सुविधा के अलावा सरकार द्वारा सब्सिडी पर राशन लेने वालों का दायरा और बढ़ाया जा रहा है।इस सम्बन्धी अधिक जानकारी देते हुए फूड सप्लाई मंत्री ने बताया कि गरीबी रेखा से नीचे रह रहे लोगों को अंत्योदय अन्न योजना और राज्य की तरफ से जारी किये मापदण्डों अधीन आते आर्थिक तौर पर कमज़ोर लोगों को पहले ही नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट के अंतर्गत लाभ दिया जाता है। परन्तु एक और नया कदम उठाते हुए पंजाब सरकार ने इस स्कीम में न केवल आर्थिक तौर पर गऱीब वर्ग की सीमांत श्रेणियों वाले लोगों बल्कि कुष्ठ रोग के मरीज़ों, एसिड अटैक एच.आई.वी /एडज़ से पीडितों के परिवारों को भी शामिल किया है। महात्मा गांधी सरबत विकास योजना के लाभार्थीयों, भूमि रहित खेत -मज़दूरों, 60,000 /-(पैंशन से बिना) से कम सालाना आमदन वाले पूर्व फौजियों, 60,000 /-(सभी साधन जोडक़र) से कम सालाना आमदन वाले बड़ी उम्र के पैनशनरों, तलाकशुदा या अकेली महिला (अविवाहित /अलग रह रही) द्वारा चलाए जाते घरों और बेघर और कच्चे घरों में रहने वाले लोगों को भी इस स्मार्ट राशन कार्ड स्कीम के दायरे में लाया गया है।विभाग की तरफ से लाभार्थीयों की पुन:-जांच करने सम्बन्धी मंत्री ने कहा कि फूड सिक्युरिटी एक्ट 2013 में नियमित पड़ताल और पुन:-पड़ताल करना लाजि़मी है। योग्य लाभार्थीयों को शामिल करना या अयोग्य को रद्द करना इस स्कीम की एक निरंतर प्रक्रिया है। इसलिए लाभार्थीयों की इस पुन: पड़ताल के द्वारा सभी जायज और योग्य लाभार्थीयों को शामिल करना और अयोग्य लाभार्थीयों को रद्द करने को यकीनी बनाया जा सकेगा। परिवारों /लाभार्थीयों की संख्या सम्बन्धी और जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि भारत सरकार की तरफ से पंजाब के लिए 14145000 लाभार्थी स्वीकृत हैं (35.36 लाख परिवार, 04 मैंबर प्रति परिवार) जिसमें 54.7 फीसद ग्रामीण परिवार और 44.8 फीसद शहरी परिवार शामिल हैं। मौजूदा स्थिति के अनुसार इस स्कीम के अंतर्गत अब तक 35.33 लाख परिवारों (13700003 लाभार्थीयोंं) को दायरे में लाया गया है। इसलिए नेशनल फूड सिक्युरिटी एक्ट के अंतर्गत अधिक से अधिक लाभार्थीयों को स्कीम के दायरे में लाने के लिए यत्न जारी हैं।कार्डों के रद्द करे जाने से डरे लोगों से अपील करते हुए श्री आशु ने कहा कि यह कम्प्यूट्रीकरन लाभार्थीयों के हित में है और अयोग्य लाभार्थीयों को रद्द करके जायज हाथों तक अनाज पहुंचाना ही इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य है।

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